22.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

टॉपर टॉक : आदत्यि वर्मा:::::::संपादित

टॉपर टॉक : आदित्य वर्मा:::::::संपादितशांत वातावरण में पढ़ने से ज्यादा होती है तैयारी मार्क्स : 87.8 प्रतिशत रैंक : स्कूल टॉपर संकाय : साइंस स्कूल : चिन्मिया विद्यालय, साउथ पार्क, बिष्टुपुर बोर्ड : सीबीएसइ (12वीं)माता-पिता : अनीता वर्मा, अरुण कुमार वर्मामैंने बारहवीं में दाखिले के साथ ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना शुरू […]

टॉपर टॉक : आदित्य वर्मा:::::::संपादितशांत वातावरण में पढ़ने से ज्यादा होती है तैयारी मार्क्स : 87.8 प्रतिशत रैंक : स्कूल टॉपर संकाय : साइंस स्कूल : चिन्मिया विद्यालय, साउथ पार्क, बिष्टुपुर बोर्ड : सीबीएसइ (12वीं)माता-पिता : अनीता वर्मा, अरुण कुमार वर्मामैंने बारहवीं में दाखिले के साथ ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना शुरू कर दिया था. मैंने ठान लिया था कि मुझे स्कूल टॉपर बनना है. मुझे पता था कि बोर्ड की तैयारी के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ेगी. इसी हिसाब से मैंने रूटीन बनाया और तैयारी में लग गया.स्कूल के साथ-साथ चला मैं पढ़ायी में स्कूल के साथ-साथ चला. क्लास में हर विषय में जहां तक पढ़ायी होती थी मैं उसी दिन उसे पूरा करने की कोशिश करता था. इसका लाभ मुझे अंतिम समय में मिला. बोर्ड परीक्षा नजदीक आने पर मुझे किसी तरह की हड़बड़ाहट नहीं थी. मैं दबाव में नहीं था, क्योंकि मेरी तैयारी शुरू से अच्छी थी. एनसीइआरटी बुक्स पर किया फोकस मैंने पाठ्यक्रम से बाहर की किताबों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया. इसके अलावा तैयारी के दौरान किसी तरह की हेल्पिंग बुक से भी मदद नहीं ली. एनसीइआरटी बुक्स पर ही फोकस किया. हर किताब को थॉरोली पढ़ा. मैं दिन में ढंग से नहीं पढ़ पाता था, इसलिए प्री बोर्ड के बाद मैंने रूटीन बदल लिया और देर रात तक पढ़ायी करने लगा. रात में वातावरण शांत होने से एकाग्रता बढ़ती है. प्रैक्टिस सब्जेक्ट पर था अधिक ध्यान मैं प्री बोर्ड के बाद 10-12 घंटे पढ़ने लगा था. इस दौरान प्रैक्टिस सब्जेक्ट पर अधिक ध्यान देता था. मैथ्स और फीजिक्स का कम से कम दो-दो घंटे रोज अभ्यास करता था. केमिस्ट्री, इंगलिश वगैरह दो-तीन बार पढ़ने और रीविजन कर लेने से याद हो जाता था. तत्काल करता था डाउट क्लीयरमैं हर तरह के डाउट को तत्काल क्लीयर करने की कोशिश करता था. प्री बोर्ड के बाद जब क्लासेज बंद हो गयी थीं, उस दौरान अगर किसी तरह की दिक्कत होती थी तो मैं स्कूल टीचर से फोन पर डाउट क्लीयर करने की कोशिश करता था. कई बार प्रिंसिपल से पूछ कर स्कूल अा जाता था और संबंधित विषय के शिक्षकों से पूछ लेता था. केमिस्ट्री पर दिया अलग से ध्यान मुझे केमिस्ट्री में शुरू से कम अंक आते थे. इस विषय में प्री बोर्ड में भी मुझे काफी कम अंक मिले थे. लेकिन टॉप करने के लिए हर विषय पर ध्यान देना जरूरी होता है. इसलिए मैंने प्री बोर्ड के बाद केमिस्ट्री पर ध्यान देना शुरू किया. फॉर्मूलों को याद किया. इक्वेशन को बार-बार बनाया. इस तरह केमिस्ट्री पर भी मेरा कमांड हो गया. बोर्ड परीक्षा में केमिस्ट्री में मुझे 95 प्रतिशत अंक मिले. इंजीनियरिंग फील्ड में बढ़ना है आगे मुझे इंजीनियरिंग फील्ड में रुचि है. वर्तमान में मैं आइआइटी की तैयारी कर रहा हूं. मैकेनिकल ब्रांच मुझे अच्छा लगता है. बीटेक करने के बाद मैं नौकरी करना चाहूंगा. बात पते की -बोर्ड परीक्षा की तैयारी में शुरू से लग जायें -मेहनत करें, इसका कोई विकल्प नहीं -वीक प्वाइंट्स को पहचानें, उसे दूर करने की कोशिश करें

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel