आपदा नियंत्रण को लेकर बने स्पेशल टीम आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का समापन फोटो है संवाददाता, जमशेदपुर वर्ष 2015 में भारत में तीन बार भूकंप आ चुके हैं. इसके साथ ही भूकंप ने नेपाल में भारी तबाही मचायी. इससे नेपाल कई साल पीछे चला गया. जिस वक्त आपदा आती है, उस वक्त इससे निबटने के लिए तत्काल कोई प्रशिक्षित टीम नहीं रहती है. जिस कारण सेना की मदद ली जाती है. इसके लिए सरकार स्तर पर खास टीम का गठन किये जाने की जरूरत है, जो काफी ट्रेंड हो. यह बात आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में भूकंप रोधी तकनीक को लेकर आयोजित सेमिनार के समापन समारोह में मुख्य रूप से उभर कर सामने आयी. सेमिनार के दौरान पिछले दिनों बादल फटने से लेकर सुनामी जैसी घटनाअों का भी जिक्र किया गया. झारखण्ड सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अौर आर वी एस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को तकनीकी सत्र में अध्यक्ष प्रो डॉ. एके चौधरी ने सत्र की समाप्ति के मौके पर कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के जरिये युवाअों में जागरूकता आती है. उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में वे भी इसी तरह के समारोह में हिस्सा लेते थे, उन्होंने बताया कि छात्र जीवन की यादें ताजा हो गयीं. समापन सत्र के मुख्य अतिथि सचिव भरत सिंह अौर कॉलेज के निदेशक प्रो. डॉ एमपी सिंह ने कहा कि प्रकृति के साथ मिल कर चलना चाहिए, उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ ज्यादा छेड़-छाड़ ठीक नहीं. प्राचार्य डॉ सुकोमल घोष ने छात्र- छात्रओं से कहा कि इस सम्मेलन में जो भी चर्चा हुई है, उस पर हमें अमल करने की जरूरत है, ताकि इसका लाभ समाज को मिल सके. कार्यक्रम के दौरान कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह, निदेशक प्रो डॉ एमपी सिंह, प्राचार्य प्रो घोष समेत अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष प्रो. अनंत राज, डॉ बीपी वर्मा, प्रो. पारसनाथ, डॉ. विक्रम शर्मा, डॉ. राजेश तिवारी, प्रो. जेसी पांडेय के अलावा निजी संस्थान एमएन दस्तुर के इंजीनियर , एनआइटी पटना और एन आइटी जमशेदपुर के छात्र व कॉलेज के छात्र भी समापन समारोह में सम्मिलित थे.
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आपदा नियंत्रण को लेकर बने स्पेशल टीम
आपदा नियंत्रण को लेकर बने स्पेशल टीम आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का समापन फोटो है संवाददाता, जमशेदपुर वर्ष 2015 में भारत में तीन बार भूकंप आ चुके हैं. इसके साथ ही भूकंप ने नेपाल में भारी तबाही मचायी. इससे नेपाल कई साल पीछे चला गया. जिस वक्त आपदा आती है, उस […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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