होमवर्क कभी भी पेंडिंग न पड़ने देंकिरण कुमारी मार्क्स : 86 प्रतिशत रैंक : स्कूल सेकेंड टॉपर संकाय : कॉमर्स स्कूल : एडीएलएस सनशाइन स्कूल, साकची बोर्ड : आइसीएसइ माता-पिता : ममता देवी, विनय कुमार लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर अगर आप शुरू से थोड़ा-थोड़ा पढ़ते जायेंगे, तो आगे दिक्कत नहीं होगी. मैंने ऐसा ही किया था. मैं हर दिन का हाेमवर्क उसी दिन पूरा कर लेती थी. इसका फायदा यह हुआ कि मेरे ऊपर कभी पढ़ायी को लेकर दबाव नहीं बना. अंतिम समय में चीजें और आसान होती गयीं. परीक्षा पैटर्न के बारे में बताती थीं टीचरक्लास में टीचर हर चैप्टर को पढ़ाने के बाद बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले उससे संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में भी बताती थीं. टीचर प्रश्नाें का जवाब किस तरह से दिया जाये, कहां मार्क्स कटते हैं? किस तरह से लिखने पर मार्क्स अच्छे मिलते हैं, बोर्ड परीक्षा के पैटर्न आदि के बारे में भी बताती थीं. इस तरह परीक्षा को लेकर कॉन्सेप्ट क्लीयर हो गया था. रूटीन बनाकर की पढ़ायी मैंने रूटीन बनाकर पढ़ायी की थी. रूटीन बनाने का मकसद यही था कि हर विषय पर ध्यान जाये. कई बार ऐसा होता था कि एक-दो विषय पर ध्यान देने से अन्य विषय छूट जाते थे. वहीं, मैंने जहां तक हो सका, किताब पढ़कर ही डाउट क्लीयर किया. फिर भी कहीं दिक्कत होती थी, तो टीचर से पूछ लेती थी. घर पर पापा ने इंगलिश में काफी मदद की. वे इंगलिश के डाउट क्लीयर कर देते थे. किताब थॉरोली पढ़ी मैंने हर किताब को अच्छी तरह पढ़ा था. स्कूल में नोट्स बनवा दिये गये थे, इसके बाद भी मैं किताब जरूर पढ़ती थी. किताब पढ़ने के दौरान ही मैं खुद के नोट्स भी बनाती जा रही थी. मैंने कंप्लीट नोट्स बनाये थे, जिसे एक बार पलट लेने से सभी चीजें स्पष्ट हो जाती थीं. रटने की जगह मैं हर चीज काफी समझ कर पढ़ती थी. आप अगर पाठ एक बार समझ जाते हैं, तो इसके प्रश्न हल करना आसान हो जाता है. प्री बोर्ड तक पूरा हो गया था सिलेबस प्री बोर्ड तक सिलेबस पूरा हो गया था. थोड़ा-बहुत जो रह गया था, उसे मैंने बोर्ड परीक्षा से एक-डेढ़ महीने पहले ही पूरा कर लिया था. इस तरह मैं पूरी तरह से परीक्षा के लिए तैयार थी. मैंने प्री बोर्ड परीक्षा पर भी काफी ध्यान दिया था. हमारे स्कूल में प्री बोर्ड से पहले मॉक प्री बोर्ड भी हुआ था. इसके अलावा यूनिट टेस्ट भी हुअा. इस तरह तीन-चार परीक्षा से गुजरने पर मुझे परीक्षा की अच्छी समझ हो गयी थी. गणित में हुई परेशानीमुझे मैथ्स में त्रिकोणमीति और हाइट एंड डिस्टेंस अध्याय में थोड़ी दिक्कत हुई थी. इस पर मैंने ध्यान देना शुरू किया. बार-बार अभ्यास से इस चैप्टर का कॉन्सेप्ट भी क्लीयर हो गया. मैंने किताब के अंदर दिये गये हर एग्जांपल को बना लिया था. मैं आगे सीए करना चाहती हूं. मैंने उसकी तैयारी भी शुरू कर दी है.बात पते की रटें नहीं, हर अध्याय को समझ कर पढ़ें. हर विषय पर ध्यान जाये, इसके लिए रूटीन जरूरी है. हर क्षण का उपयोग करें.
लेटेस्ट वीडियो
होमवर्क कभी भी पेंडिंग न पड़ने दें
होमवर्क कभी भी पेंडिंग न पड़ने देंकिरण कुमारी मार्क्स : 86 प्रतिशत रैंक : स्कूल सेकेंड टॉपर संकाय : कॉमर्स स्कूल : एडीएलएस सनशाइन स्कूल, साकची बोर्ड : आइसीएसइ माता-पिता : ममता देवी, विनय कुमार लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर अगर आप शुरू से थोड़ा-थोड़ा पढ़ते जायेंगे, तो आगे दिक्कत नहीं होगी. मैंने ऐसा ही किया […]
Modified date:
Modified date:
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
