जमशेदपुर : केंद्र की एनडीए सरकार के स्मार्ट सिटी-अमृत योजना के दौर में यूपीए सरकार की महत्वकांक्षी जेएनएनयूआरएम (जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) योजना के तहत ग्रेटर जमशेदपुर का 59 वर्ग किलोमीटर विस्तार की तैयारी है.
केंद्र व राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद 59 वर्ग किमी क्षेत्र (बेलाजुड़ी तक, हाता- हल्दीपोखर तक, मानगो क्षेत्र में कपाली तक और आदित्यपुर छोर में सीतारामपुर तक) को ग्रेटर जमशेदपुर में शामिल करने के लिए शुक्रवार की शाम जिला मुख्यालय सभागार में स्टेयरिंग कमेटी की बैठक बुलायी गयी थी.
डीसी, एडीसी के नहीं पहुंचने से बैठक स्थगित : बैठक में जुस्को के एमडी आशीष माथुर, जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी दीपक सहाय, मानगो अक्षेस के विशेष पदाधिकारी जेपी यादव, जुगसलाई नगर पालिका के विशेष पदाधिकारी ए मिंज, आदित्यपुर नगर पर्षद के पदाधिकारी जिला मुख्यालय सभागार पहुंचे. उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल और अपर उपायुक्त सुनील कुमार के दूसरे कार्य में व्यस्त रहने के कारण बैठक नहीं हो सकी. इस दौरान कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि ने किन-किन नये क्षेत्रों को ग्रेटर जमशेदपुर में शामिल किया जायेगा और उसका क्या स्वरूप होगा.
प्रजेंटेशन कर इसकी जानकारी दी. शनिवार को उपायुक्त के समक्ष प्रस्ताव पेश किया जायेगा. कमेटी की बैठक भी संभावित है. उपायुक्त/ कमेटी की स्वीकृति के बाद प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार को भेजा जायेगा. उसके बाद नये क्षेत्रों को मिला कर मास्टर प्लान तैयार किया जायेगा.
मानगो, जुगसलाई, आदित्यपुर को मिला कर बना था मास्टर प्लान : जेएनएयूआरएम के तहत जमशेदपुर अरबन एग्लोमेरेशन (जेयूए) के अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, आदित्यपुर, जुगसलाई, बागबेड़ा, कीताडीह, परसुडीह, सरजामदा, घोड़ाबांधा, गोविंदपुर (शहर से सटे छह सेंशस गांव) के विकास का मास्टर प्लान अमेरिकी कंसल्टेंट कंपनी सुपीरियर ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर ने तैयार किया था.
