डॉ. के के सिंह, जनरल सर्जनदवाई व ऑपरेशन से बवासीर का इलाज संभव बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स कहा जाता है. यह अनुवांशिक बीमारी है. जोर देकर पाखाना करने, कम पानी पीने से यह बीमारी हो सकती है. देखा गया है कि ज्यादा केस में यह एडल्ट को होती है. बवासीर दो प्रकार का होता है. इंटरनल और एक्सटर्नल बवासीर. इंटरनल बवासीर में मरीज के पाखाने के रास्ते के अंदर का एरिया प्रभावित होता है. जबकि एक्सटर्नल बवासीर होने के कारण मरीज के पाखाने के रास्ते के बाहर भी लक्षण दिखायी देते हैं. पाखाना करने से पहले या बाद में पाखाना के रास्ते से खून का रिसाव होना इसका सामान्य लक्षण है. पाखाना के रास्ते से मांस का हिस्सा बाहर आ जाता है. इसके होने से दर्द का एहसास नहीं होता. ऐसे लक्षण दिखायी देने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. इस बीमारी से उपाय के लिए ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है. ऑपरेशन से इस बीमारी का इलाज संभव है. 1, 2, 3 डिग्री का बवासीर होने से उसका उपचार भी अलग तरीके से किया जाता है. डिग्री 1 तक का बवासीर का इलाज दवाई से किया जाता है. दो व तीन डिग्री के बवासीर का इलाज ऑपरेशन कर किया जाता है. आज के समय में इस बीमारी का ऑपरेशन इंजेक्शन थैरेपी, बैंडिंग थैरेपी से इलाज किया जाता है. बीमारी – बवासीरलक्षण- पाखाना करने से पहले या बाद में पाखाना के रास्ते से खून का रिसाव होना, पखाने के रास्ते से मांस के हिस्से का बाहर निकलना. उपाय- डॉक्टर की सलाह लें.
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हेल्थ बुलेटिन – डॉ. के के सिंह
डॉ. के के सिंह, जनरल सर्जनदवाई व ऑपरेशन से बवासीर का इलाज संभव बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स कहा जाता है. यह अनुवांशिक बीमारी है. जोर देकर पाखाना करने, कम पानी पीने से यह बीमारी हो सकती है. देखा गया है कि ज्यादा केस में यह एडल्ट को होती है. बवासीर दो प्रकार का होता […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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