यशोदा चिटफंड धोखाधड़ी में पांच को तीन-तीन साल की सजा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jan 2020 6:25 AM (IST)
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अदालत परिसर में 20 से 25 की संख्या में पीड़ित महिलाएं मौजूद थी वर्ष 2017 में मानगो थाना में यशोदा नेटवर्किंग कंपनी के पांच के खिलाफ दर्ज कराया गया था मामला सौकल अली फारुख, शमशुल हक, नुरूल हक, युसूफ अली और मो इकबाल सभी जेल में बंद फोटो- 27 कोर्ट जमशेदपुर : यशोदा चिटफंड धोखाधड़ी […]
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अदालत परिसर में 20 से 25 की संख्या में पीड़ित महिलाएं मौजूद थी
वर्ष 2017 में मानगो थाना में यशोदा नेटवर्किंग कंपनी के पांच के खिलाफ दर्ज कराया गया था मामला
सौकल अली फारुख, शमशुल हक, नुरूल हक, युसूफ अली और मो इकबाल सभी जेल में बंद
फोटो- 27 कोर्ट
जमशेदपुर : यशोदा चिटफंड धोखाधड़ी में प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी सुप्रिया रानी तिग्गा कोर्ट की अदालत ने पांच लोगों को तीन-तीन साल की सजा सोमवार को सुनायी. 88 लाख के गोलमाल में सौकल अली फारुख, शमशुल हक, नुरूल हक, युसूफ अली और मो इकबाल को सजा सुनायी गयी है. करोड़ों की धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों को कम सजा दिये जाने की बात कहकर पीड़ित महिलाओं ने कोर्ट परिसर में विरोध जताया.
सोमवार को कोर्ट का फैसला सुनने 20 से 25 की संख्या में पीड़ित महिलाएं कोर्ट में मौजूद थी. फैसला आने के बाद महिलाओं ने केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एसएस प्रसाद से मिलकर आपत्ति जतायी. महिलाओं का कहना था कि यशोदा चिटफंट कंपनी के नाम पर कई लोगों को शिकार बनाया गया. पांच साल में राशि दोगुना करने का प्रलोभन दिया गया. कर्ज लेकर उनलोगों ने कंपनी पर भरोसा कर रुपये जमा कराये थे. बाद में कंपनी का कार्यालय बंद कर सभी फरार हो गये.
लोगों से करोड़ों की ठगी की गयी. कंपनी की शिकार बनी अधिकांश महिलाएं थी. इसलिए इसके जिम्मेदार लोगों को अधिक सजा सुनायी जानी चाहिए थी. अधिवक्ता एसएस प्रसाद ने महिलाओं को समझाया कि प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी को तीन वर्ष तक की सजा देने का अधिकार है. ऐसे में सीआरपीसी की धारा 325 के अनुसार गंभीर मामले में केस को सीजेएम कोर्ट में रेफर किया जा सकता था ताकि आरोपियों को ज्यादा सजा मिल सके.
आरोपियों ने करीब 88 लाख रुपये की ठगी की है. उन्हें इसकी गंभीर सजा मिलनी चाहिए थी. वर्ष 2017 महिलाओं ने मानगो थाना में यशोदा नेटवर्किंग कंपनी के सौकल अली फारुख, शमशुल हक, नुरूल हक, युसूफ अली और मो इकबाल के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. फिलहाल सभी आरोपी घाघीडीह जेल में बंद हैं.
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