बच्ची को नहीं खोज पाने की खीज पुलिस ने सहिया पर निकाली, साकची महिला थाना प्रभारी ने पीटा, भर्ती

Updated at : 08 Sep 2019 3:26 AM (IST)
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बच्ची को नहीं खोज पाने की खीज पुलिस ने सहिया पर निकाली, साकची महिला थाना प्रभारी ने पीटा, भर्ती

जमशेदपुर/चाईबासा : गुड़ाबांदा के जंगल से मिली नवजात बच्ची वह नहीं है, जो एमजीएम अस्पताल से चार सितंबर को जन्म के चंद घंटे बाद ही चोरी कर ली गयी थी. एमजीएम से चोरी हुई बच्ची का पता अब तक पुलिस नहीं लगा पायी है और न ही उस महिला के बारे में कोई सुराग मिला […]

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जमशेदपुर/चाईबासा : गुड़ाबांदा के जंगल से मिली नवजात बच्ची वह नहीं है, जो एमजीएम अस्पताल से चार सितंबर को जन्म के चंद घंटे बाद ही चोरी कर ली गयी थी. एमजीएम से चोरी हुई बच्ची का पता अब तक पुलिस नहीं लगा पायी है और न ही उस महिला के बारे में कोई सुराग मिला है, जो सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को चोरी कर ले जाते हुए दिखाई दे रही है.

वहीं, एमजीएम से बच्ची की चोरी मामले में साकची पुलिस ने चाईबासा की सहिया को हिरासत में लेकर पिटाई की है. चाईबासा के बड़ागुईरा की सहिया संगीता सुंडी ही गर्भवती को एमजीएम अस्पताल लेकर आयी थी. परिजनों ने शक जाहिर किया था कि बच्ची के चोरी में उसका हाथ हो सकता था. शक के आधार पर साकची पुलिस ने सहिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. सहिया संगीता सुंडी ने आरोप लगाया है कि थाने में उसकी पिटाई की गयी.

घायल सहिया को चाईबासा सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती : शनिवार को चाईबासा से तीन दर्जन से अधिक सहिया साकची महिला थाना पहुंची और घायल सहिया संगीता सुंडी को चाईबासा सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया है. सहिया के शरीर में जख्म के निशान हैं. घटना पर सहियाओं ने आक्रोश जताते हुए उप विकास आयुक्त से शिकायत की है.

सहियाओं ने कहा कि साकची महिला थाना प्रभारी समेत तीन अन्य महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ चाईबासा महिला थाना में मामला दर्ज कराया जायेगा. गुड़ाबांदा से मिली नवजात व एमजीएम से चोरी हुई बच्ची दोनों एक नहीं : गुड़ाबांदा से मिली नवजात बच्ची को जब शुक्रवार रात एमजीएम अस्पताल लाया गया, तो चोरी हुए बच्ची के पिता ने उसे अपना होने का दावा किया, लेकिन शनिवार को वे भी यह स्पष्ट नहीं बता पाये की बच्ची उन्हीं की है. गुड़ाबांदा से मिली नवजात बच्ची और एमजीएम से चोरी हुई बच्ची दोनों एक नहीं है. यह बात तय है.

डाॅक्टरों के अनुसार जो बच्ची मिली है, वह प्री मेच्योर (करीब सात माह) की है और एमजीएम से जिस मां की बच्ची चोरी हुई थी, वह नौ माह की स्वस्थ बच्ची थी, जिसका जन्म ऑपरेशन से हुआ था. एमजीएम के डॉक्टरों से सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन पुष्पा रानी तिर्की और सदस्य लक्खी दास ने बात की. डॉक्टरों ने बताया कि जो बच्ची मिली है, उसका वजन काफी कम है और वह काफी ज्यादा अस्वस्थ है. इधर, साकची पुलिस के लिए चोरी हुई बच्ची और घटना को अंजाम देने वाली महिला के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलना चुनौती बनी हुई है. बच्ची को बेहतर इलाज के लिए किया जा सकता है रेफर : डॉक्टरों के अनुसार जंगल से मिली बच्ची की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.

प्रीमेच्योर और कम वजन होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. इस बात की जानकारी होने के बाद सीडब्ल्यूसी की टीम ने फैसला लिया है कि वे बच्ची के बेहतर इलाज व देखरेख के लिए उसे टीएमएच या टाटा मोटर्स अस्पताल रेफर करने के लिए वरीय अधिकारियों से पत्राचार करेगी. सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन पुष्पा रानी तिर्की ने बताया कि वे इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से बात करेंगी. उन्होंने ने यह बताया है कि डॉक्टरों के अनुसार गुड़ाबांदा से मिली बच्ची वह नहीं है, जो चोरी हुई है.

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