जमशेदपुर : मां बेसुध, बेटे को याद कर बार-बार हो जा रही है बेहोश

जमशेदपुर : मेरा बाबू कहां चला गया, कोई तो उसे ला दो, मैं उसके बिना कैसे रहूंगी. यह चीत्कार व पीड़ा उस मां की है, जिसके मासूम बेटे का शव शनिवार को उसके घर के आंगन में ही फांसी के फंदे पर झूलता मिला था. रोते-रोते उसे बार-बार दांत लग जा रहे थे. आसपास की […]
जमशेदपुर : मेरा बाबू कहां चला गया, कोई तो उसे ला दो, मैं उसके बिना कैसे रहूंगी. यह चीत्कार व पीड़ा उस मां की है, जिसके मासूम बेटे का शव शनिवार को उसके घर के आंगन में ही फांसी के फंदे पर झूलता मिला था. रोते-रोते उसे बार-बार दांत लग जा रहे थे. आसपास की महिलाएं उसे संभालने में लगी थीं.
रविवार को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम के बाद भुइयांडीह स्थित बर्निंग घाट में दाह संस्कार किया गया. शव को घर नहीं लाया गया. वहीं, बेटे के शव का अंतिम संस्कार करने का भी पिता को मौका नहीं मिला.
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