142 शिक्षक ले रहे थे सात हजार अधिक वेतन, 6.50 करोड़ का नुकसान, शोकॉज

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jul 2019 7:56 AM

विज्ञापन

गम्हरिया : गम्हरिया प्रखंड की पंचायतों में पदस्थापित 142 शिक्षकों द्वारा शहरी क्षेत्र का वेतन (मूल वेतन से सात हजार रुपये अधिक) लेने का मामला सामने आया है. इससे शिक्षा विभाग को करीब 6.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यह खुलासा बीइइओ कानन पात्रा ने किया. मामला सामने आने के बाद संबंधित सभी शिक्षकों […]

विज्ञापन

गम्हरिया : गम्हरिया प्रखंड की पंचायतों में पदस्थापित 142 शिक्षकों द्वारा शहरी क्षेत्र का वेतन (मूल वेतन से सात हजार रुपये अधिक) लेने का मामला सामने आया है. इससे शिक्षा विभाग को करीब 6.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यह खुलासा बीइइओ कानन पात्रा ने किया. मामला सामने आने के बाद संबंधित सभी शिक्षकों को शाेकॉज किया गया है.

बीइइओ ने बताया, 142 शिक्षक पंचायत में पदस्थापित हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र का लाभ ले रहे थे. संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई तय है. इस मामले में उच्चाधिकारियों से राय मांगी गयी है, जिसके बाद राशि वापसी की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. बीइइओ ने कहा, यह सिर्फ गम्हरिया प्रखंड का मामला है.
अगर पूरे कोल्हान स्तर पर जांच की गयी, तो भुगतान की राशि 20 करोड़ रुपये से अधिक होगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रबला खेस के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया.
शिक्षकों काे अतिरिक्त भत्ता भुगतान बंद
बीइइओ ने बताया, राज्य के कुछ चिह्नित क्षेत्र हैं, जो शहरी क्षेत्र में आते हैं. उन क्षेत्रों में पदस्थापित शिक्षकों को वाई श्रेणी के तहत मूल वेतन की 16 फीसदी अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाता है. उसी नियम का हवाला देते हुए गम्हरिया प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षकों द्वारा गलत तरीके से सालों से लाभ लिया जा रहा था. मामला सामने आने के बाद उनका अतिरिक्त भत्ता भुगतान बंद कर दिया गया है. कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
इन शिक्षकों पर लाभ लेने का आरोप
मिथिलेश कुमार सिन्हा, शिशिर कुमार, महेश प्रसाद, फणीभूषण महतो, दुर्गा चरण महतो, ममता झा, लालती सिन्हा, सुजाता कुमारी, पी कुमारी, शारदा कुमारी, विभा कुमारी, चंद्र विजय प्रसाद, हरेंद्र पाठक, सुभाष राम, ममता बाख्ला, विष्णुपद प्रमाणिक, मुनमुन पात्रा, गोविंद प्रसाद सिंह, मल्लिका गुप्ता, सागरचंद्र महतो, पंकज कुमार, कुमारी जोबा, प्रदीप कुमार दास, गीता कुमारी, नंदनी कुमारी, सुनीता कुजूर, अमरेंद्र कुमार सिंह, तपोव्रत जाना, जीवन कुमार सिंह, गोकुल चंद्र माझी, पुष्पा टुडू, राम कुमार प्रसाद, नरेंद्र राय, हरिशंकर सिंह सरदार, विनायक कुमार, राधी पूर्ति, नवल किशोर ठाकुर, पितांबर ठाकुर, अशोक कुमार, मनु सिंह सरदार, अश्विनी कुमार मिश्रा, राधा गोविंद प्रसाद, हराधन मार्डी, शिवजी राम, कलकी पात्रा, सुभाष चंद्र सिंह, सचिंद्र प्रधान, नारायण हेंब्रम, प्रभाशंकर मणि तिवारी, मानिक मुखर्जी, स्निग्धा दत्ता, मंगल चंद्र दास मोदक, अजीत गोराई, चंडीचरण सिंह, किरण कुमारी, ईश्वर चंद्र मांडी, नमीता दे, शिल्पा श्रीवास्तव, नागेंद्र नाथ सिंह, आशारानी, किरण श्रीवास्तव, सुनीता मिंज, मनोज कुमार वर्मा, विजय कुमार सिंह, अरुण प्रसाद वर्मन, अरुण कुमार बेज, अनुज कुमार, अजय कुमार सिंह, मो. उमर, मनिष कुमार, फटिक चंद्र माइती, वाल्मीकि ठाकुर, सरला महतो, शैलेंद्र कुमार, गजाधर बैठा, बिरजू राम मुर्मू, राजीव रंजन, सुरेंद्र कुमार सिंह, संजीव कुमार शर्मा, कपिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, संजय कुमार झा, हांदूराम सीट, ओंकारनाथ सिंह, मुनिराम मांझी, नारायण प्रसाद, विनोद कुमार भगत, विनय कुमार झा, शेषमणि मिश्रा, चंद्रमोहन चौधरी, मिथिलेश कुमार सिंह, सुधीर कुमार मिश्रा, संजीव कुमार रथ, तृप्ति गोराई, मनोरंजन गोराई, शशिकांत, मानिक हांसदा, चित्रसेन महतो, निरंजन सिन्हा, प्रभुनाथ महतो, राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, राजबहादुर यादव, शिवशंकर पांडेय, सुखदेव महतो, बंकिम दास, प्यारी लिली बिरुआ, प्रवेंद्र कुमार, मृणालकांत दास, उषा कुमारी, सुषमा महतो, अनीता हेंब्रम, वंदना कुमारी, पूनम महतो, मिनी मुर्मू, रणविजय कुमार, प्रभु नारायण राम खरवार, इंद्रा कुमारी, सुरेंद्रनाथ सिंह, कुमारी शिरोमणि, जगन्नाथ महतो, सुषेन हेंब्रम, नीलकमल तिवारी, श्याम मुर्मू, पुरेंद्र महतो (मृत), अर्जुन सिंह, शशिकांत मिश्रा, लक्ष्मीकांत सीट, अशोक कुमार महतो, प्रेमेंद्र नाथ पाल, अशोक कुमार महतो, चौधरी विजय किशोर प्रसाद, रसराज सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामचंद्र बास्के, आशीष कुमार मंडल, रंजीत कुमार रविदास, रमेश महतो, गुुरुप्रसाद महतो, प्रेमानंद प्रधान, सुपेंद्र नाथ हांसदा, गोपीनाथ पात्रा, उपेंद्र नाथ मुर्मू, राजेश कुमार किस्कू (इनमें कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो कुछ का तबादला हो चुका है.)
खुलासा. गम्हरिया के ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों ने लिया शहर का वेतन
दिसंबर 2018 तक 16 फीसदी अधिक राशि का िकया गया भुगतान
पिछले पांच माह से चल रही मामले की जांच, अब कार्रवाई शुरू
बीइइओ बोले-पूरे कोल्हान में जांच की गयी, तो राशि 20 करोड़ से अधिक होगी
शिक्षक बोले-नहीं थी नियम की जानकारी : नाम नहीं छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि उन्हें वास्तविक नियम से अवगत नहीं कराया गया था. कुछ शिक्षकों द्वारा भत्ता लागू करने की जानकारी दी गयी थी. अब अचानक राशि लौटाने की बात से हम सभी चिंतित हैं. बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
142 शिक्षकों ने दिसंबर 2018 तक शहरी क्षेत्र का वेतन लिया. 15 जनवरी के बाद जब मैंने पदभार ग्रहण किया, तो कुछ शिक्षक भत्ता को लेकर हस्ताक्षर करवाने पहुंचे. उनके कार्यस्थल को देख गड़बड़ी का खुलासा हुआ. संबंधित शिक्षक अपने मूल वेतन से सात हजार रुपये अतिरिक्त राशि ले रहे थे. पांच माह से जांच प्रक्रिया चल रही है.
कानन पात्रा, बीइइओ, गम्हरिया प्रखंड
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola