डीआरसी-पीजीआरसी के चेयरमैन से लेकर सदस्य तक जांच में फंसे, केयू प्रशासन की ओर से कर दी गयी नोटिस की अधिकारिक पुष्टि

Updated at : 29 Nov 2018 8:37 AM (IST)
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डीआरसी-पीजीआरसी के चेयरमैन से लेकर सदस्य तक जांच में फंसे, केयू प्रशासन की ओर से कर दी गयी नोटिस की अधिकारिक पुष्टि

जमशेदपुर : कोल्हान विवि प्रशासन ने बुधवार को आखिरकार पीएचडी जांच घोटाले के आरोप में फंसे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों में से 16 शिक्षकों को रजिस्टर्ड डाक से कारण बताओ नोटिस जारी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी. विवि ने इस मामले में एक और अधिसूचना जारी करते हुए कुलानुशासक डॉ एके झा को जांच […]

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जमशेदपुर : कोल्हान विवि प्रशासन ने बुधवार को आखिरकार पीएचडी जांच घोटाले के आरोप में फंसे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों में से 16 शिक्षकों को रजिस्टर्ड डाक से कारण बताओ नोटिस जारी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी. विवि ने इस मामले में एक और अधिसूचना जारी करते हुए कुलानुशासक डॉ एके झा को जांच अधिकारी घोषित कर दिया. शिक्षकों की ओर से दिये गये कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई पर फैसले का अधिकार जांच अधिकारी के पास रहेगा.
विवि के प्रवक्ता के रूप में डॉ एके झा ने बुधवार को प्रथम चरण में 16 शिक्षकों को नोटिस भेजे जाने की बात स्वीकार की. विवि सूत्रों की मानें तो पीएचडी घोटाले में फंसे शिक्षकों की संख्या अब तक 53 पहुंच गयी है. दरअसल नियमों के अवहेलना के लिए जांच कमेटी की ओर से जिम्मेदार करार दिये जा रहे संबंधित विभागों के तत्कालीन डिपार्टमेंट रिसर्च काउंसिल (डीआरसी) व पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च काउंसिल (पीजीआरसी) के चेयरमैन सहित संबंधित सदस्यों को नोटिस भेजा जा रहा है. जांच रिपोर्ट में सदस्यों का नाम उल्लेख नहीं होने के कारण प्रक्रिया संचालन में देरी हो रही है. हर दिन नोटिस वाली सूची में नये लोगों के नाम जुड़ते चले जा रहे हैं.
पूर्व पंजीकृत उम्मीदवारों के फाइलों के निस्तारण के बावजूद जमा नहीं हुए शोध प्रबंध : कोल्हान विवि प्रशासन की चौदह सदस्यीय कमेटी की ओर से पूर्व शोध पंजीकृत करीब 60 उम्मीदवारों की फाइलों का निस्तारण कर दिया गया. इन सबके बावजूद निस्तारित उम्मीदवारों के शोध प्रबंध फाइनल वाइवा के लिए अब तक जमा नहीं कराये जा रहे. इन मामलों में उम्मीदवारों को फीस और शोध प्रबंध जमा करने संबंधी पत्र जारी नहीं हुआ है.
कोर्स वर्क परीक्षा का परिणाम जारी होने के बावजूद नहीं हो रहा शोध पंजीकरण : पीएचडी घोटाले की जांच की प्रक्रिया के बीच सर्वाधिक नुकसान वर्ष 2016 बैच के छात्र-छात्राओं का हो रहा है. कोर्स वर्क परीक्षा का परिणाम जारी होने के बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर नये छात्र-छात्राओं का पंजीकरण प्रारंभ नहीं हो सका है. राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवार तक शोध पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं. अलग-अलग विभागों के अंतर्गत करीब 600 छात्र-छात्राएं कोर्स वर्क परिणाम के अंक पत्र के आधार पर शोध पंजीकरण के लिए कतार में लगे हुए हैं.
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