बच्चे हो रहे हैं दुर्घटना के शिकार, न तो प्रशासन और न ही स्कूल प्रबंधन को है सुरक्षा की फिक्र

Updated at : 27 Sep 2018 5:14 AM (IST)
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बच्चे हो रहे हैं दुर्घटना के शिकार, न तो प्रशासन और न ही स्कूल प्रबंधन को है सुरक्षा की फिक्र

जमशेदपुर : शहर के प्राइवेट स्कूलों में बस परिचालन शुरू करने को लेकर डीसी अमित कुमार द्वारा दिये गये अल्टीमेटम का समय बुधवार को पूरा हो गया. पिछले 27 अगस्त को उन्होंने एक बैठक की थी, जिसमें शहर के सभी प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल व प्रबंधकों को आदेश दिया था कि वे हर हाल में […]

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जमशेदपुर : शहर के प्राइवेट स्कूलों में बस परिचालन शुरू करने को लेकर डीसी अमित कुमार द्वारा दिये गये अल्टीमेटम का समय बुधवार को पूरा हो गया. पिछले 27 अगस्त को उन्होंने एक बैठक की थी, जिसमें शहर के सभी प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल व प्रबंधकों को आदेश दिया था कि वे हर हाल में एक महीने के भीतर बस चलवाना सुनिश्चित करें.
गुरुवार को अल्टीमेटम की मियाद पूरी हो रही है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. बस परिचालन का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है. गौरतलब है कि शहर में अॉटो व वैन पर बच्चों को ठूंस कर ले जाने की वजह से दुर्घटना में स्कूली बच्चे की मौत हो गयी थी. इसके बाद उपायुक्त ने 22 दिसंबर 2017 को सबसे पहले दो महीने में बस परिचालन शुरू करने का आदेश सभी प्राइवेट स्कूलों को दिया, लेकिन स्कूल प्रबंधकों द्वारा थोड़ा अौर समय देने की मांग करने के बाद नौ महीने में पांच बार प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों को मौका दिया गया, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.
पांच बस लिया था, 5-7 बच्चे ही कर रहे थे सवारी तो बंद कर दिया : बस परिचालन में आखिर क्या असुविधा है, इस सवाल के जवाब में केरला पब्लिक स्कूल ग्रुप के डायरेक्टर शरत चंद्रन ने बताया कि उन्होंने केपीएस ग्रुप के सभी पांच स्कूलों के लिए एक-एक बस यानी पांच बस चलाना शुरू किया था, लेकिन बस में सफर करने वाले बच्चों की संख्या मात्र पांच से सात थी.
इतने कम बच्चे लेकर बस को चलाना मुश्किल था. बच्चे बस में सफर करें, इसके लिए अभिभावकों को मोटिवेट किया गया, लेकिन जब वे तैयार नहीं हुए तो बंद कर दिया गया. शरत चंद्रन ने कहा कि उन्होंने 0 से 3 किमी तक के लिए 800 रुपये, 3 से 6 किमी के लिए 1000 रुपये, 6 से 10 किमी की दूरी के लिए 1250 रुपये, जबकि 10 किमी से अधिक दूरी तक की बसों के लिए 1500 रुपये का किराया तय किया था.
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