एमजीएम में सुबह भर्ती हुई गर्भवती, कुछ घंटे बाद मौत पर परिजनों ने किया हंगामा

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जमशेदपुर : मानगो न्यू उलीडीह शिव मंदिर के समीप रहने वाले अनिल सिंह की पत्नी संतोषी पॉल (24) की रविवार को एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. वह चार माह की गर्भवती था. संतोषी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी व आइसीयू में […]

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जमशेदपुर : मानगो न्यू उलीडीह शिव मंदिर के समीप रहने वाले अनिल सिंह की पत्नी संतोषी पॉल (24) की रविवार को एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. वह चार माह की गर्भवती था. संतोषी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी व आइसीयू में दो घंटे तक हंगामा किया.

परिजन डॉक्टर व नर्सों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. इस दौरान नर्सों व परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. कुछ देर बाद अस्पताल आये चार युवकों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टर, नर्स के साथ कर्मचारियों व पुलिस पदाधिकारियों संग भी दुर्व्यवहार किया.

इस दौरान पुलिस व होमगार्ड के जवान मौन रहे. हालांकि सूचना मिलते ही साकची पुलिस पहुंची, लेकिन उससे पूर्व चारों युवक अस्पताल से निकल गये. हंगामे के दौरान मृतका की मां चंचला पॉल बेहोश हो गयी. मामले में परिजनों की ओर से साकची थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही थी. शव को अस्पताल के शीतगृह में रख दिया गया. सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जायेेगा.
खून की कमी और बीपी लो था. संतोषी को जब भर्ती कराया गया था, तब उनका ब्लड प्रेशर 90/50 था. जो सामान्य से काफी कम था. वहीं ब्लड जांच रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का लेवल भी पांच से कम आया था.
उल्टी की शिकायत पर आयी थी अस्पताल. मृतकर की मां चंचला ने बताया कि रविवार की सुबह उल्टी की शिकायत पर वह संतोषी को लेकर एमजीएम अस्पताल आयी थी. इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टरों ने बिना जांच के ही गायनिक वार्ड भेज दिया. गायनिक वार्ड में भी किसी डॉक्टर ने नहीं देखा. नर्सों ने संतोषी को भर्ती कर स्लाइन और इंजेक्शन लगा दिया. बेड नहीं होने के कारण जमीन पर उसे लिटा दिया गया. इसके बाद संतोषी की तबीयत बिगड़ने लगी.
परिजनाें ने बात की, तो नर्सों ने बताया कि डॉक्टर नौ बजे आयेंगी, तब देखेंगी. 10.30 बजे डॉ ऊषा आईं. उन्होंने चेकअप के बाद इमरजेेंसी से डॉ अनुकरण पूर्ति को बुलाया. डॉ अनुकरण ने संतोषी की खराब हालत देख कर उसे आईसीयू में भेज दिया. यहां उन्हें ब्लड लाने के लिए कहा गया. जब तक परिजन ब्लड लेकर लौटे, तब तक संतोषी की मौत हो गयी है. संतोषी की तीन साल की बच्ची है. चंचला पाल ने अधीक्षक को बताया कि उन्होंने डॉक्टरों से कहा था कि अगर इलाज नहीं हो सकता है, तो कागजात दें, हम बाहर ले जायेंगे. लेकिन उन्हें कागजात नहीं दिये गये.
डॉक्टरों व नर्सों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग. संतोषी पाल की मौत की सूचना मिलते ही उलीडीह भाजपा मंडल के कई पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे. मंडल अध्यक्ष अमरेंद्र पासवान, विधायक प्रतिनिधि संजीव मुखर्जी, सत्यवान तिवारी, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष संतोष भगत, महामंत्री पवन कुमार राय, अनिमेष सिन्हा, राजन सिंह राजपूत आदि ने दोषी डॉक्टरों व नर्सों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
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