जमशेदपुर: उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि बहरागोड़ा के कुमारडुबी में हुई घटना की जांच की जा रही है अौर जांचोंपरांत कार्रवाई की जायेगी. उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया है. इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं हो, इसके लिए प्रशासन कार्रवाई करेगा. विशेष कर शहरी क्षेत्र (जुगसलाई) में अगर कोई पटाखा का अवैध स्टॉक करते है, तो उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जायेगा.
उपायुक्त ने बताया कि हादसे की जगह कुमारडुबी में पांच दमकल पहुंचने के बावजूद एप्रोच रोड में एक ही दमकल के जाने की व्यवस्था थी, जिसके कारण इतने लंबे समय तक रेस्क्यू चला. उपायुक्त ने कहा कि पटाखे में आग के कारण घर भट्ठी बन चुका था अौर उसमें घुसना काफी मुश्किल था, लेकिन रात लगभग 1 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया. उपायुक्त ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी, हालांकि उससे पूर्व स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू कार्य पूर्ण कर लिया गया था. एनडीआरएफ की टीम ने पूरी जांच तरह अौर शव नहीं होने अौर आग का प्रकोप नहीं होने की पुष्टि की.
…तो पूरा गांव जल जाता. प्रशासनिक पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्गापूजा के समय में कुमारडुबी में प्लास्टिक एवं कपड़े से पूरे रास्ते को ढका जाता है, लेकिन यह काम अभी शुरू नहीं हुआ था. अगर ऐसा होता तो पूरा गांव इसकी चपेट में आ जाता.
उपायुक्त ने दीपक साव की स्थिति का जायजा लिया. उपायुक्त अमित कुमार, एडीसी सुनील कुमार, एडीएम सुबोध कुमार समेत अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों ने सोमवार की सुबह टीएमएच में जाकर वहां इलाजरत दीपक साव की स्थिति की जानकारी ली. बिल्डिंग से सट कर लाइट-टॉर्च की मरम्मत की दुकान लगाने वाले दीपक साव बिल्डिंग के मलबे में दब गया था अौर उसके सिर समेत अन्य स्थानों पर चोट लगी है.
जिनकी मौत हुई है
पार्वती सांतरा, राधिका सांतरा, पार्वती सांतरा (2), हरि बंधु प्रमाणिक, भानुप्रिया प्रमाणिक, चतुर्भूज जेना, पतित पावन दास, वन बिहारी महर, अमृत मुंडा. इसमें वन बिहारी महार गोविंदपुर के तथा अमृत मुंडा चांदड़ा के तथा शेष कुमारडुबी के हैं.
घायल के नाम
नकुल मुंडा (सीएससी बहरागोड़ा में इलाजरत), दीपक साव (टीएमएच में), सिमंत दलाई (एमजीएम में).
