झारखंड में मैट्रिक, इंटर के समकक्ष होगा आइटीआइ का सर्टिफिकेट, कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा

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आइटीआइ ने प्रति वर्ष लगभग 50 हजार विद्यार्थी परीक्षा देते हैं. इसमें 12 हजार विद्यार्थी सरकारी आइटीआइ व लगभग 35 हजार विद्यार्थी प्राइवेट आइटीआइ के हैं. सर्टिफिकेट की समकक्षता नहीं होने के कारण केंद्र समेत देश के अन्य राज्यों की कई प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने विद्यार्थी वंचित हो जाते हैं.

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रांची : राज्य में आइटीआइ के आइटीआइ के सर्टिफिकेट को मैट्रिक, इंटर के समकक्ष मान्यता दी जायेगी. श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार किया है. विभाग के प्रस्ताव के अनुरूप 10वीं से पहले व 10वीं के बाद आइटीआआइ में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों के 10वीं व 12वीं की भाषा विषय की परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा ली जायेगी. विभाग द्वारा इस संबंध में देश के अन्य राज्यों के प्रावधान का अध्ययन किया गया है. देश के अलग-अलग राज्यों में आइटीआइ के सर्टिफिकेट को 10वीं व 12वीं के समकक्ष मान्यता दी गयी है. विभाग ने गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार के नियमावली का अध्ययन किया है. बिहार में भी हिंदी, अंग्रेजी की परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा ली जाती है. झारखंड में भी बिहार के तर्ज पर सर्टिफिकेट को मान्यता देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल मैट्रिक व इंटर के परीक्षा के साथ आइटीआइ के विद्यार्थियों का भी परीक्षा फॉर्म जमा लेगा. मैट्रिक, इंटर के परीक्षार्थियों के साथ आइटीआइ में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भी हिंदी अंग्रेजी की परीक्षा होगी.

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डीजीटी लेती है है आइटीआइ की परीक्षा

आइटीआइ की परीक्षा डायरेक्ट्रेट जेनरल ऑफ ट्रेनिंग (डीजीटी) द्वारा ली जाती है. डीजीटी द्वारा आइटीआइ में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के संबंधित ट्रेड की परीक्षा ली जाती है. भाषा की परीक्षा नहीं ली जाती है. सर्टिफिकेट की समकक्षता को लेकर तैयार प्रस्ताव के अनुरूप डीजीटी द्वारा ट्रेड से संबंधित विषय की परीक्षा ली जायेगी व भाषा की परीक्षा जैक द्वारा ली जायेगी. दोनों को मिलाकर विद्यार्थी सर्टिफिकेट दिया जायेगा.

प्रति वर्ष 50 हजार विद्यार्थी देते परीक्षा

आइटीआइ ने प्रति वर्ष लगभग 50 हजार विद्यार्थी परीक्षा देते हैं. इसमें 12 हजार विद्यार्थी सरकारी आइटीआइ व लगभग 35 हजार विद्यार्थी प्राइवेट आइटीआइ के हैं. सर्टिफिकेट को मैट्रिक, इंटर के समकक्षता मिलने के बाद अगर को विद्यार्थी 10वीं के बाद सामान्य कोर्स से इंटर या 12वीं के बाद सामान्य कोर्स से स्नातक की पढ़ाई करना चाहेंगे तो वह आइटीआइ के सर्टिफिकेट के आधार पर नामांकन ले सकेंगे. वर्तमान में विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं है. विद्यार्थियों को अलग से मैट्रिक, इंटर की परीक्षा पास करनी होती है. सर्टिफिकेट की समकक्षता नहीं होने के कारण केंद्र समेत देश के अन्य राज्यों की कई प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने विद्यार्थी वंचित हो जाते हैं.

जैक हिंदी,अंग्रेजी की परीक्षा लेने पर सहमत

श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रस्ताव पर झारखंड एकेडमिक काउंसिल हिंदी व अंग्रेजी की परीक्षा लेने पर सहमत हो गया है. इस संबंध में जैक जल्द ही विभाग को पत्र भेज देगा. इसके बाद प्रस्ताव स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में रखा जायेगा. उल्लेखनीय है कि देश के कुछ राज्यों में आइटीआइ की परीक्षा को लेकर अलग से बोर्ड का गठन भी किया गया है.

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