Dhanbad News : लैब टेस्टिंग में फेल एल्बेंडाजोल की दवा मामले की जांच सुस्त, गोदाम में पड़े धूल फांक रही 17 लाख की दवा

Updated:
विज्ञापन
Dhanbad News : लैब टेस्टिंग में फेल एल्बेंडाजोल की दवा मामले की जांच सुस्त, गोदाम में पड़े धूल फांक रही 17 लाख की दवा

लैब टेस्टिंग में दवा फेल होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में रखी हुई है एल्बेंडाजोल की पांच लाख गोली, राष्ट्रीय कृमि दिवस अभियान के तहत 4.50 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का था लक्ष्य

विज्ञापन

सितंबर, 2024 में जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान शुरू होना था. अभियान से ठीक पहले लैब टेस्टिंग में एल्बेंडाजोल की दवा फेल होने के कारण इसे रोक दिया गया. मामला सामने आने के बाद करीब चार माह बीत चुके हैं. लैब टेस्टिंग में दवा फेल होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जांच सुस्त है. यही वजह है कि लगभग 17 लाख रुपये से खरीदी गयी एल्बेंडाजोल की दवा स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में रखी धूल फांक रही है. गौरतलब है कि एजेंसी द्वारा सप्लाई की गयी एल्बेंडाजोल की दवा को सितंबर, 2024 में जांच के लिए रांची स्थित सरकारी लैब में भेजा गया था. सरकारी लैब द्वारा दवा की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए इसपर रोक लगा दी गयी है. जबकि, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर सितंबर, 2024 में जिले में वृहद पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित कर दो से 19 साल तक के बच्चों व युवाओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलानी थी.

मां शारदा इंटरप्राइजेज को दिया गया था पांच लाख दवा का ऑर्डर :

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम को लेकर रांची की एजेंसी मां शारदा इंटरप्राइजेज को धनबाद जिले के लिए एल्बेंडाजोल 400 एमजी की पांच लाख गोली सप्लाई करने का ऑर्डर दिया गया था. एजेंसी ने ऑर्डर के अनुसार दवा की खेप धनबाद भेज दी थी. अधिकारियों के अनुसार इसके लिए एजेंसी को 17 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन ने एजेंसी को दवा वापस करने का निर्देश दिया था. मामले को चार माह से ज्यादा का समय बीत चुका है. अबतक एजेंसी द्वारा दवा की खेप वापस नहीं ली गयी है.

4.5 लाख बच्चों को खिलानी थी दवा :

ज्ञात हो कि अभियान के तहत दो अलग-अलग दिन कार्यक्रम आयोजित कर जिले के साढ़े चार लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य था. लैब टेस्टिंग में दवा फेल होने के बाद से अबतक बच्चों को दवा नहीं मिल पायी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola