ePaper

खाते से 15 हजार की निकासी

Updated at : 06 Jan 2026 10:27 PM (IST)
विज्ञापन
खाते से 15 हजार की निकासी

नये-नये तरीके अपना कर लोगों को शिकार बना रहे साइबर ठग

विज्ञापन

हजारीबाग. जिले में आये दिन लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं. साइबर ठग नये-नये तरीके अपना कर लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर दे रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मंगलवार को साइबर थाना में पहुंचा. नूतननगर निवासी उमेश कुमार मंडल के खाते से 15 हजार रुपये की फर्जी तरीके से निकासी हो गयी. उनका खाता बैंक अॉफ इंडिया में था. इस संबंध में भुक्तभोगी उमेश कुमार मंडल ने साइबर थाना में आवेदन दिया है. जिसमें बताया है कि उनके खाते से चार किस्तों में 15 हजार रुपये की फर्जी तरीके से निकासी की गयी है. उमेश के अनुसार उनके मोबाइल में न ही कोई लिंक या ओटीपी आया. इसके बावजूद खाते से रुपये की निकासी हो गयी. इसी प्रकार पांच जनवरी को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मोरांगी गांव निवासी भागीरथ कुमार से 69 हजार रुपये की अॉनलाइन ठगी हो गयी.

एक माह में ठगी के 50 मामले साइबर थाना पहुंचे

जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 से पांच जनवरी 2026 तक साइबर ठगी से जुड़े 50 आवेदन साइबर थाना पहुंचे हैं. सभी मामलों की जांच साइबर पुलिस की ओर से की जा रही है. साइबर पुलिस के अनुसार अधिकतर लोग लालच में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं. ठग मोबाइल पर फोन कर यह कहकर गुमराह करते हैं कि मोबाइल बैंकिंग या लेनदेन बंद कर दिया गया है और भेजे गये लिंक को टच करने पर सुविधा शुरू हो जायेगी. इसके अलावा आधार से बैंक खाता लिंक कराने, केवाइसी अपडेट कराने, रुपये निवेश करने पर दोगुनी राशि मिलने और ऋण दिलाने के नाम पर भी ठगी की जा रही है. साइबर पुलिस ऐसे मामलों को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, इसके बावजूद लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUNIL PRASAD

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola