आजादी के बाद भी बदहाली में जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं बरकट्ठा का मल्हार समुदाय

Author Reyej|Edited by Amleshnandan Sinha
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मल्हार समुदाय की महिलाएं खुले आसमान में खाना बनाती व उनके बच्चे. | Prabhat Khabar Network

बरकट्ठा के लगनवा गांव में मल्हार समुदाय के लोग मूलभूत सुविधाओं के बिना जीने को मजबूर हैं। प्रशासन से आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग की गई है।

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बरकट्ठा : प्रखंड क्षेत्र के ग्राम लगनवा में रहने वाले मल्हार समुदाय के लोग आजादी के बाद से आज तक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं. जिसकी सूचना मिलने पर मानव विकास संस्था के सचिव बीरबल प्रसाद ने अपनी टीम के साथ गांव का निरीक्षण किया. बीरबल प्रसाद ने बताया कि मल्हार समुदाय के अधिकांश परिवारों के पास रहने के लिए अपना सुरक्षित आवास तक उपलब्ध नही है.

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कई लोग जर्जर झोपड़ियों में रहने को विवश हैं. पर्याप्त कपड़ों की कमी, स्वच्छ पेयजल का अभाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित होने के कारण उनका दैनिक जीवन बेहद कठिन बना हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसी आवश्यक सेवाओं तक भी उनकी पहुंच सीमित है. जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन अब तक उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सम्मानजनक जीवन जी सकें. लगनवा गांव के मल्हार समुदाय की यह स्थिति विकास की उस तस्वीर पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां आज भी कई परिवार बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बीरबल प्रसाद ने कहा कि संस्था के द्वारा बच्चों के बेहतर पोषण एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों के लिए वस्त्र तथा अस्थायी आश्रय देने के लिए त्रिपाल उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है.


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