हजारीबाग. खिरगांव हबीबी नगर मुहल्ला में विस्फोट की घटना के बाद अफरा तफरी का माहौल हो गया. जिस जमीन पर लोग विस्फोट होने की बात कर रहे थे, उसके ठीक बगल में दो शव पड़े हुए थे. शव को चादर से ढंक दिया गया था, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल थी. मृतक के परिजन रो-रोकर बेहाल थे, लेकिन कोई भी इस घटना को लेकर कुछ बताने को तैयार नहीं थे. शव के आसपास चार से पांच फीट की दूरी पर खून के धब्बे थे. घटनास्थल के ठीक बगल की चहारदीवारी टूटी हुई थी. वहां ईंट के टुकड़े बिखरे पड़े थे. शव से कुछ दूरी पर एक मवेशी घायल पड़ा था. जिसे इलाज के लिए पशुपालन अस्पताल भेज दिया गया. घटना की सूचना मिलते ही शहर से काफी संख्या में लोग पहुंच गये. घटनास्थल पर मौजूद सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि विस्फोट की घटना कैसे हुई, जांच के बाद ही खुलासा हो पायेगा.
फॉरेंसिक व बीडीडीएस टीम की जांच के बाद उठेगा शव
समाचार लिखे जाने तक विस्फोट में मृत दंपती का शव घटनास्थल पर पड़ा था. घटना की जांच के लिए एसपी अंजनी अंजन ने रांची से एफएसएल और बीडीडीएस की टीम को बुलाया है. टीम द्वारा जांच के बाद शव को उठाया जायेगा. वहीं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने नमूना संग्रह किया.घटना के बाद पुलिस महकमा हरकत में
विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आया. घटनास्थल पर सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ अमित कुमार आनंद, इंस्पेक्टर नंद किशोर साह, सदर थाना प्रभारी सुभाष कुमार सिंह, बड़ाबाजार टीओपी प्रभारी पंकज कुमार, तकनीकी शाखा के पदाधिकारी कुणाल किशोर, पुलिस रक्षक दल प्रभारी गौतम कुमार समेत स्पेशल ब्रांच की टीम पहुंची व जांच-पड़ताल में जुट गयी.घटनास्थल की बैरिकेडिंग : पुलिस ने घटनास्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी है. उस घेरे के अंदर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है. पुलिस को आशंका है कि जमीन में और भी विस्फोटक हो सकते हैं. इसे लेकर बीडीडीएस टीम को बुलाया गया है.
हबीबीनगर में 10 साल पूर्व बम ब्लास्ट में छह की हुई थी मौत
खिरगांव हबीबीनगर बम विस्फोट मामले में पूर्व में भी चर्चा में रहा है. 10 वर्ष पूर्व हबीबीनगर में बम धमाके से पूरा क्षेत्र दहल गया था. 17 अप्रैल 2016 को एक खाली घर में भारी मात्रा में बम बनाया जा रहा था. इसी दौरान बम ब्लास्ट हो गया था. इस घटना में पांच लोगों की मौत घटनास्थल पर हो गयी थी, जबकि एक व्यक्ति की मौत इलाज के दौरान हुई थी. इस घटना में मोनू, सोनू, मुजफ्फर, अरमान व मिंटू की मौत घटनास्थल पर हुई थी, जबकि अकरम की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी थी. घटना के बाद परिवार वालों ने पांच शव को दफना दिया था. इसके पांच दिन बाद शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया था. घटनास्थल से पुलिस ने नौ पेट्रोल बम व 10 खाली बोतल बरामद किया था. बुधवार को हुई विस्फोट की घटना ने 10 वर्ष पूर्व हुई घटना की याद दिला दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

