दनुआ घाटी में मवेशियों से हादसों का खतरा

Published by : SUNIL PRASAD Updated At : 10 Aug 2025 9:45 PM

विज्ञापन

एनएच-टू पर सियरकोनी कट से दनुआ मस्जिद के बीच अक्सर हादसे

विज्ञापन

चौपारण. एनएच-टू पर दनुआ घाटी अब एक्सीडेंटल जोन के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है. हालांकि एनएचएआइ ने इसे आधिकारिक रूप से एक्सीडेंटल जोन घोषित नहीं किया है, लेकिन वाहन चालक से लेकर आम लोग इसे इसी नाम से जानते हैं. सियरकोनी कट से दनुआ मस्जिद के बीच अक्सर वाहन दुर्घटनाएं होती रही हैं. इन दुर्घटनाओं का एक मुख्य कारण जीटी रोड पर मवेशियों का बैठना है. बरसात के मौसम में रात के समय मवेशी जंगल से निकलकर रोड पर बैठ जाते हैं. तेज रफ्तार से घाटी में उतरने वाले वाहन इनकी चपेट में आ जाते हैं. कई बार दर्जनों मवेशियों की मौत हो चुकी है और गाड़ियां असंतुलित होकर पलट गयी हैं. लोहाबर से चोरदाहा के बीच जीटी रोड के आसपास कई गांव हैं, जहां पशुपालक मवेशी पालते हैं. अधिकांश पशुपालक सुबह मवेशी को जंगल में छोड़ देते हैं और शाम को यह भी नहीं देखते कि वे लौटे या नहीं. यही मवेशी रात में सड़क पर बैठ जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है. थाना प्रभारी चौपारण सरोज सिंह चौधरी ने कहा कि पशुपालक मवेशियों की देखरेख करें और उन्हें जंगल के भरोसे न छोड़ें. सड़क पर लावारिश हालत में मिले मवेशियों के मालिक पर नियम के अनुसार कार्रवाई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUNIL PRASAD

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola