16 अप्रैल को किशोरी की होनी थी शादी, 18 वर्ष से पहले शादी नहीं करने का भराया गया बॉन्ड टाटीझरिया. प्रखंड के एक गांव की नाबालिग किशोरी बालिका वधू बनने से बुधवार को बच गयी. आधार कार्ड के अनुसार बच्ची की उम्र लगभग 16 वर्ष है. बताया जाता है कि किशोरी का विवाह 16 अप्रैल को नरसिंह स्थान में होना था. घर में वैवाहिक रस्म की सारी तैयारियां चल रही थी. इसी बीच किसी ने बाल विवाह होने की गुप्त सूचना चाइल्ड लाइन को दी. बीडीओ रश्मि खुशबू मिंज, थाना पुलिस दल बल के साथ किशोरी के घर पहुंचे. किशोरी के माता पिता को टाटीझरिया थाना में बुलाकर महिला पर्यवेक्षिका शाश्वती घोषाल की उपस्थिति में बाल विवाह निषेध अधिनियम इसके दुष्परिणामों की जानकारी देकर 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह के कार्यक्रमों को न करने का निर्देश दिया. भराजो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र कुमार पांडेय, महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका चिंता देवी एवं अन्य लोगों की उपस्थिति में किशोरी की माता पिता ने बॉन्ड लिखकर सरकार द्वारा पारित बाल विवाह अधिनियम के अनुसार किशोरी की शादी 18 वर्ष से पहले नही करने की शपथ दिलायी गयी. किशोरी की शादी भराजो के कैलाश प्रजापति के पुत्र 25 वर्षीय नागेश्वर कुमार के साथ होनी थी.
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