समाजसेवी मो खालिद धनबाद में सम्मानित

Updated at : 17 Feb 2025 8:07 PM (IST)
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समाजसेवी मो खालिद धनबाद में सम्मानित

मोमेंटो, प्रमाण पत्र एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया.

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हजारीबाग. धनबाद के आइआइटी आइएसएम गोल्डेन जुबली हॉल में आयोजित मीडिया कन्क्लेव में हजारीबाग के समाजसेवी मुर्दा कल्याण समिति और रोटी बैंक संचालक मो खालिद को सम्मानित किया गया. यह आयोजन रफ्तार मीडिया एवं जोहार संवाद ने किया था. मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, विधायक अरूप चटर्जी समेत कई अतिथियों ने समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले राज्य भर के समाजसेवियों को मोमेंटो, प्रमाण पत्र एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. हजारीबाग के मो खालिद पिछले बीस वर्षों से सर्व धर्म अज्ञात एवं लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं. 2010 से 2016 तक रिम्स रांची के शीतगृह में रखे शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार करने का काम किया. कोरोना संक्रमण काल में जिनकी मृत्यु हुई, उन शवों काे कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार भी करने का काम किया. इसके साथ गरीबों, विक्षिप्तों एवं सदर अस्पताल में दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचने वाले रोगियों को रोटी बैंक की ओर से सहायता पहुंचाने का काम कर रहे हैं. इन्हें पूर्व में भी कई संस्थानाें द्वारा सम्मानित किया गया.

विभावि में फीस वृद्धि का एनएसयूआई ने किया विरोध

हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का एनएसयूआई छात्र संघ ने विरोध किया. इसका नेतृत्व एनएसयूआई छात्र नेता अभिषेक राज ने किया. विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक, स्नातकोत्तर, एलएलबी, एमबीबीएस, बीडीएस, एमडीएस, फिजियोथेरेपी, बीटेक, बीएड, एमएड, पीएचडी, परीक्षा फीस, माइग्रेशन, प्रोविजनल, डिग्री सर्टिफिकेट, डुप्लीकेट एडमिट कार्ड और मार्कशीट की फीस में बढ़ोतरी की गयी है. सोमवार को एनएसयूआई के छात्र प्रतिनिधियों ने परीक्षा नियंत्रक, छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष और कुलसचिव से मुलाकात कर बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की. अभिषेक राज ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान है न कि मुनाफाखोरी का केंद्र. छात्रों से इस तरह की फीस लेना शिक्षा के अधिकार का हनन है. छात्र नेता लवकुश पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय जल्द इस फैसले पर कोई निर्णय नहीं लेगा, तो एनएसयूआई आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी. मौके पर गुलाम सर्वर, राजेश महतो, विवेक शर्मा, फैजान अख्तर, विकी यादव, धनंजय सिंह, शुभम समेत काफी संख्या में छात्र मौजूद थे.

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