आजादी के 78 साल बाद दुर्गम पहाड़ी गांव सिमराजरा बिजली से हुआ रोशन

जिला प्रशासन के संकल्प से बदली तस्वीर
हजारीबाग. जिले के बड़कागांव प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव सिमराजरा ने वर्ष 2025 में आखिरकार विकास की रोशनी देख ली. आजादी के 78 वर्षों तक यह गांव बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था. इस गांव तक पहुंचने के लिए न पक्की सड़क थी, न ही बिजली और न ही आधुनिक सुविधा थी. इस गांव में अंधेरा स्थायी समस्या बना हुआ था. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह जिला भ्रमण के दौरान जब सिमराजरा की स्थिति से अवगत हुए, तो इसकी स्थिति को बदलने का संकल्प लिया. गांव में मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजना से बिजली पहुंचाने का निर्णय लिया. विद्युत कार्यपालक अभियंता सुब्रत बनर्जी ने बताया कि सिमराजरा तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था. दुर्गम पहाड़ियां, घने जंगल और हाथी से अति प्रभावित क्षेत्र ने कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया. गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए लगाये गये पोल को हाथियों की झुंड ने क्षतिग्रस्त कर दिया. बावजूद जिला प्रशासन ने हार नहीं मानी. तकनीकी समाधान, सतत निगरानी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ प्रयास जारी रखा. अंततः वह ऐतिहासिक दिन आया, जब गांव में पहली बार बिजली पहुंची. 78 साल बाद गांव के घर बिजली से रोशन हुए. आज सिमराजरा प्रशासनिक संकल्प और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण बन गया है. गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए वन्य प्राणियों का भी ध्यान रखा गया है. उपायुक्त ने पहाड़ी की चोटी पर बसे इस गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए इंसुलेटेड तार लगाने का आदेश दिया. गांव की सरिता देवी ने कहा कि बिजली आने से अब हमारे बच्चे भी रोशनी में पढ़ सकेंगे. आंगो पंचायत की मुखिया नीलम मिंज ने कहा कि जिला प्रशासन के पहल के बाद इस गांव में बिजली पहुंची है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




