CBI कोर्ट का बड़ा फैसला: रूपेश के हत्यारों को उम्रकैद, हजारीबाग में सरस्वती पूजा विसर्जन दौरान हुई थी मॉब लिंचिंग

Published by : Sameer Oraon Updated At : 05 Feb 2026 10:30 PM

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रूपेश पांडेय हत्याकांड के आरोपियों को उम्रकैद की सजा, Pic Credit- AI

Rupesh Pandey Murder Case: रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. 3 दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा मिली है. जानें 2022 में बरही में हुई इस घटना और मां की कानूनी लड़ाई से लेकर इंसाफ तक का पूरा सफर.

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Rupesh Pandey Murder Case, रांची : चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को तीन दोषियों मो असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां, मो कैफ और मो गुरफान को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए सभी आरोपी

फैसले के दौरान आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. गौरतलब है कि दो फरवरी को मामले में पांच आरोपियों की सजा पर सुनवाई हुई थी. इनमें तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया था, जबकि दो अन्य आरोपी मो इरफान और इश्तेखार मियां को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया था. मामले में एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई जेजे बोर्ड में लंबित है. सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने अदालत में 15 गवाह प्रस्तुत किये.

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विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था

अभियोजन के अनुसार, हजारीबाग में छह फरवरी 2022 को शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था. विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. घटना को लेकर बरही थाना में 27 आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 59/2022 दर्ज किया गया था. पुलिस ने सात फरवरी 2022 को मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत ने दो सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया था. मृतक की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआइ जांच की मांग को लेकर हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चला.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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