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Lok Sabha Elections: झारखंड में 1500 लोगों ने किया वोट बहिष्कार, प्रशासन में मचा हड़कंप

Updated at : 20 May 2024 12:50 PM (IST)
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vote bycott in hazaribagh jharkhand

हजारीबाग जिले के इसी बूथ पर मतदाताओं ने किया है वोट बहिष्कार. फोटो : प्रभात खबर

Lok Sabha Elections: झारखंड में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के 1500 मतदाताओं ने मतदान करने से इंकार कर दिया है. जिला व प्रखंड प्रशासन में हड़कंप मचा है. लोग जंगल में चले गए हैं.

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Lok Sabha Elections: हजारीबाग लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं ने वोट का बहिष्कार किया. समाचार लिखे जाने तक किसी भी व्यक्ति ने अब तक यहां मतदान नहीं किया है. 1500 लोगों के वोट नहीं देने की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

Lok Sabha Elections: हजारीबाग के कुसुंभा मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचा कोई वोटर

हजारीबाग सदर विधानसभा के कुसुंभा गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया है. बूथ नंबर 183 और 184 पर अभी तक एक भी मतदाता वोट करने नहीं पहुंचा. यहां के मतदाताओं का कहना है कि उनकी नाराजगी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा. इसलिए वे वोट का बहिष्कार कर रहे हैं.

सैकड़ों वाहनों की वजह से बनी रहती है दुर्घटना की आशंका

ग्रामीणों ने कहा है कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव से एनटीपीसी का जो कोयला आता है, वह कोयला हजारीबाग के कटकमदाग रेलवे साइडिंग में भेजा जाता है. सैकड़ों वाहन इस गांव से गुजरते हैं. इसकी वजह से हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. गांव के लोगों की मांग है कि कुसुंभा गांव के पास फ्लाईओवर का निर्माण किया जाए.

ग्रामीण बोले- 4 साल से फरियाद लगाकर थक गए, किसी ने नहीं सुना

ग्रामीणों ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री और सांसद, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, जिला प्रशासन तक से लगातार 4 साल से फरियाद कर रहे हैं. अब तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं. इसलिए आज गांव से कोई भी मतदाता मतदान करने के लिए केंद्र नहीं गया. बूथ नंबर 183, 184 उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुसुंभा गांव में मतदान केंद्र बना है, जहां लगभग 1500 मतदाता हैं. इनमें से किसी ने वोट नहीं किया.

जिला प्रशासन और प्रखंड के पदाधिकारियों में मचा हड़कंप

जिला प्रशासन और प्रखंड के प्रशासन अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. सभी अधिकारी गांव वालों को मनाने में लगे हैं, लेकिन ग्रामीण अपने घर से निकलने के लिए तैयार नहीं है. सुबह 10:30 बजे तक किसी ने वोट नहीं किया था.

अंडरपास की जगह ओवरब्रिज की मांग कर रहे ग्रामीण

ग्रामीण बता रहे हैं कि कुसुंभा से हजारीबाग-चतरा मार्ग पर आने-जाने के लिए ग्रामीणों को रेलवे क्रॉसिंग से आना-जाना पड़ता है. वर्तमान में क्रॉसिंग के पास अंडरपास पुल है. इससे ग्रामीण अपने गांव या शहर आते-जाते हैं. इसी रेलवे पटरी के बगल में 6 लाइन की पटरी और बिछने जा रही है. इसका काम चल रहा है. संबंधित विभाग अभी अंडरपास बनाने के लिए नीचे खुदाई कर रहा है. इसी जगह ग्रामीण अंडरपास की बजाय ओवरब्रिज की मांग कर रहे हैं.

ग्रामीण बोले- कोयले की वजह से बर्बाद हो गई हमारी खेती

ग्रामीणों ने कहा है कि 6 लाइन होने के कारण अंडरपास एक गुफा की तरह बन जाएगा, जो बाद में अपराध का अड्डा बन जायेगा. इससे भविष्य में ग्रामीणों को नुकसान होगा. कोयले की वजह से गांव की खेती बर्बाद हो गई है. यहां के लोग आजीविका के लिए खेती पर ही आश्रित थे, लेकिन खेती लगभग खत्म हो गई है. कोयले के डस्ट की वजह से ग्रामीणों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है.

वोट बहिष्कार करने वाले अधिकतर ग्रामीण गांव छोड़ जंगल में गए

सभी ग्रामीण अपना घर छोड़कर जंगल की ओर चले गए हैं. ग्रामीणों ने सामूहिक तौर पर मतदान का बहिष्कार किया है. लोगों ने एकमत बना लिया है कि आज कोई भी बूथ पर नहीं जाएगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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