हजारीबाग में कब्रिस्तानों की होगी घेराबंदी, सौंदर्यीकरण पर 10 करोड़ खर्च

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :11 May 2026 2:17 PM (IST)
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Hazaribagh News

हजारीबाग से सटे पेलालव कब्रिस्तान की घेराबंदी फोटो: प्रभात खबर

Hazaribagh News: हजारीबाग जिले में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जायेंगे. राज्य सरकार ने 51 योजनाओं को मंजूरी दी है. पेलावल समेत कई इलाकों में काम शुरू हो चुका है. राज्यभर के 634 कब्रिस्तानों के विकास पर 146 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. कल्याण विभाग की ओर से इस वित्तीय वर्ष जिले में कब्रिस्तानों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जायेगी. सरकार की इस योजना का उद्देश्य कब्रिस्तानों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना है. इसके तहत घेराबंदी के साथ-साथ अन्य जरूरी विकास कार्य भी कराये जायेंगे.

51 योजनाओं को मिली स्वीकृति

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने हजारीबाग जिले के लिए कुल 51 योजनाओं को स्वीकृति दी है. इन योजनाओं के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कब्रिस्तानों का विकास किया जायेगा. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत योजनाओं में घेराबंदी, रास्तों का निर्माण, साफ-सफाई, जल निकासी और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शामिल हैं. इससे कब्रिस्तानों की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर होगी.

लाभुक समिति के माध्यम से होंगे विकास कार्य

कल्याण विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कब्रिस्तानों में होने वाले सभी विकास कार्य लाभुक समिति के माध्यम से पूरे किये जायेंगे. इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी और कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी. विभाग का मानना है कि स्थानीय समिति के माध्यम से काम होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा और जरूरत के अनुसार कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकेगी.

पेलावल सहित कई इलाकों में शुरू हुई घेराबंदी

हजारीबाग शहर से सटे पेलावल इलाके सहित जिले के कई अन्य क्षेत्रों में कब्रिस्तानों की घेराबंदी का कार्य शुरू हो चुका है. जिन स्थानों पर कब्रिस्तानों की सुरक्षा और रखरखाव की अधिक जरूरत महसूस की गयी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि घेराबंदी होने से कब्रिस्तानों की जमीन सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण की समस्या पर भी रोक लगेगी.

राज्य भर में 634 कब्रिस्तानों का होगा विकास

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार ने वर्ष 2026 में राज्य भर के 634 कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया है. इस महत्वाकांक्षी योजना पर 146 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जायेगी. सरकार का लक्ष्य है कि सभी कब्रिस्तानों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाये, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अहम योजना

विशेषज्ञों का मानना है कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी और विकास कार्य केवल आधारभूत सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम है. इससे समुदाय विशेष के लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी और धार्मिक स्थलों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा. प्रशासन का कहना है कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जायेगी.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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