जैनियों का अष्टाह्निका महापर्व शुरू

मंदिर में पूजन पाठ कर श्रीजी का अभिषेक किया गया
हजारीबाग. जैम समाज का आठ दिवसीय आषाढ़ अष्टाह्निका पर्व गुरुवार को शुरू हुआ. प्रातः मंदिर में पूजन पाठ कर श्रीजी का अभिषेक किया गया. 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन यह महापर्व संपन्न होगा. इस दौरान प्रतिदिन भक्त प्रार्थना और जैन धर्मग्रंथों का जाप करेंगे. णमोकार मंत्र और अन्य पवित्र ग्रंथों के पाठ पर विशेष जोर दिया गया. इन आठ दिनों में दान के कार्यों को प्रोत्साहित किया जाता है. वहीं जैन मंदिरों में सामुदायिक प्रार्थना और प्रवचन होगा. विजय जैन लुहाड़िया ने बताया कि आषाढ़ अष्टाह्निका इतिहास की उत्पत्ति प्राचीन जैन परंपरा और शास्त्रों से जुड़ी हुई है. जैन धर्म के आध्यात्मिक गुरुओं, तीर्थंकरों द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण प्रथा है. जिसका उद्देश्य अनुयायियों को जैन सिद्धांतों के प्रति अपनी आस्था और समझ को गहरा करने में मदद करना है. सदियों से अष्टाह्निका को संरक्षित किया गया है.
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