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.मक्का की खेती से बढ़ा किसानों का मुनाफा

Updated at : 11 May 2025 9:32 PM (IST)
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.मक्का की खेती से बढ़ा किसानों का मुनाफा

हजारीबाग जिला के बड़कागांव प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में इस चिलचिलाती धूप में मक्का की फसल लहलहा रही है. इससे हर दिन किसानों को मुनाफा हो रहा है.

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बड़कागांव. हजारीबाग जिला के बड़कागांव प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में इस चिलचिलाती धूप में मक्का की फसल लहलहा रही है. इससे हर दिन किसानों को मुनाफा हो रहा है. बड़कागांव के स्थानीय बाजारों में 15 से 20 रुपये प्रति किलो मक्का मिल रहा है. कोलकाता और हजारीबाग के व्यापारी बड़कागांव बाजारों से 15 रुपये प्रति किलो की दर से मक्का खरीद कर अन्य राज्यों और जिलों के ऊंचे दाम में बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं.

गर्मी में सब्जियों की खेती का विकल्प बना मक्का

भीषण गर्मी में सब्जियों की खेती में कीट प्रकोप का खतरा कम करने में मक्का की फसल बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रही है. खेतों की उर्वरा शक्ति को संतुलित करने में प्राकृतिक रूप से सहयोग करने वाली मक्का की फसल से किसान बेहतर लाभ कमा रहे हैं. प्रति एकड़ किसानों को 25 से 35 हजार रुपये का फायदा हो रहा है. मक्का की फसल के बाद पौधे का उपयोग पशु आहार के रूप में किया जा रहा है. खेतों में बचे जड़ का हिस्सा रोटावेटर से जुताई के बाद खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में भी फायदेमंद साबित हो रही है.

तीन सीजन में हो रही मक्का की खेती

किसान बहुल क्षेत्र बड़कागांव में पूर्व के वर्षों में सिर्फ खरीफ सीजन में ही मक्का की खेती की जाती थी. धान के बाद सर्वाधिक रकबे में बोई जाने वाली मक्का की खेती अब तीन सीजन में की जाने लगी है. खरीफ के अलावा रबी सीजन में मक्का लगाने वाले बहुसंख्यक किसान अब गर्मी के दिनों में भी बड़े रकबे में मक्का की खेती कर रहे हैं.

किसान मक्का की खेती पर देने लगे हैं जोर

मक्का के उत्पादक किसान जागेश्वर महतो, द्वारका महतो, कमली देवी, सुगिया देवी, मो हसन अंसारी ने बताया कि मक्का की खेती बहुपयोगी लाभकारी नकदी फसल के रूप में सामने आयी है. गर्मी के दिनों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. इतने तापमान में सिंचाई सुविधा मिल जाये, तो गन्ने का बेहतर पैदावार होता है. वर्तमान सीजन में लगभग एक हजार हेक्टेयर में मक्का की खेती की गयी है. गर्मी में थोड़ी सी पानी की कमी होने पर सब्जी वर्गीय फसलों को नुकसान होता है. कीट प्रकोप का खतरा भी बना रहता है, इसलिए मक्का की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं.

बेरोजगार युवक भी करने लगे हैं मक्का का व्यापार

बड़कागांव में मक्का की उपज मई और जून माह में हो जाती है. यहां के युवक इसे कम कीमत पर खरीद कर बड़े शहरों में ऊंचे दाम में बेच रहे हैं. इस व्यापार में इस क्षेत्र के कई बेरोजगार युवक शामिल हैं, जो मक्का का व्यापार कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. व्यापारी दिलीप साव, भुनेश्वर महतो ने बताया कि स्थानीय बाजार के अलावा हजारीबाग, रांची, रामगढ़, कोलकाता, पटना और उत्तर प्रदेश की मंडी में बड़कागांव के मक्का को बेचते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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