डॉ सुभाष ने देश को टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक का मार्ग दिखाया
हजारीबाग. शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में भारत के प्रख्यात चिकित्सक एवं टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनायी गयी. उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया. कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन सदर अस्पताल प्रबंधन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हजारीबाग इकाई और बंगाली एसोसिएशन हजारीबाग ने किया.
मुख्य अतिथि हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. आईएमए हजारीबाग इकाई के अध्यक्ष डॉ. सुजय सामंता, सचिव डॉ. तीर्थोजीत मैत्रा, पूर्व अध्यक्ष डॉ. रजत चक्रवर्ती तथा युवा चिकित्सक डॉ. नीलाशीष डे ने भी पुष्पांजलि अर्पित की. संक्षिप्त कार्यक्रम में बंगाली एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सजल मुखर्जी ने डॉ. मुखोपाध्याय के जीवन और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि उन्हें समय पर न्याय मिला होता तो वे नोबेल पुरस्कार के हकदार होते. उन्होंने बताया कि डॉ. मुखोपाध्याय का जन्म हजारीबाग में हुआ था और उन्होंने देश को टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक का मार्ग दिखाया.
कार्यक्रम का संचालन बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने किया. मौके पर सचिव सोमनाथ कुनार, सदस्य प्रसन्न चंद्र सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी उपस्थित रहे. यह आयोजन न केवल उनकी उपलब्धियों को याद करने का अवसर था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है