उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय किसान मेला सह प्रदर्शनी

धान की उपज के साथ मत्स्य व दूध उत्पादन को बढ़ावा दें: शिल्पी नेहा तिर्की
धान की उपज के साथ मत्स्य व दूध उत्पादन को बढ़ावा दें: शिल्पी नेहा तिर्की
: सरकार किसानों के जीवनदशा उन्नत करने के लिए काम कर रही हैबरही. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गोरियाकरमा में शनिवार को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय किसान मेला सह प्रदर्शनी व कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मौजूद थीं. उन्होंने कहा झारखंड सरकार राज्य के कृषि क्षेत्र को उन्नत कर किसानों की आय बढ़ाने व उनके जीवन को समृद्ध करने की दिशा में गंभीर है. झारखंड की 70 प्रतिशत आबादी खेतीबारी पर निर्भर है. 90 प्रतिशत भूमि पर सिर्फ धान की खेती होती है. 22 प्रतिशत जमीन पर सिंचाई की व्यवस्था है. हम वर्षा के मात्र 27 प्रतिशत पानी को बचा पाते हैं. इस स्थिति को बदलना होगा. किसानों में नयी सोच, नयी ऊर्जा लाना होगा. बहुफसली खेती का विकास करना होगा. धान के साथ मत्स्य उत्पादन, दूध उत्पादन करना होगा. उन्होंने ऐसे कई किसानों का हवाला दिया, जिन्होंने नयी सोच से कृषि को लाभकारी बनाया. एक किसान एक एकड़ में धान की खेती से 20-30 हजार की कमाई करता है, पर एक एकड़ में तरबूज से 70 हजार की आय होती है. उन्होंने क़ृषि विभाग, मत्स्य विभाग, डेयरी, पशु पालन विभाग के अफसरों से कहा केवल नौकरी न करें, सोच बदले. खेती में नया आयाम जोड़े. किसानों की सेवा करें, ताकि उनका जीवन उन्नत हो.
आइएआरआई, बिरसा कृषि जैविक गांवों को गोद लें : मंत्री ने भारतीय क़ृषि अनुसंधान संस्थान, बिरसा क़ृषि केंद्र के अधिकारियों को टास्क दिया कि वे अपने आसपास के गांवों को गोद लें. किसानों को वैज्ञानिक खेती सिखायें. वहां खेती को उन्नत करें, तभी समझा जायेगा कि आप कुछ कर रहें हैं. संस्थान के आसपास के गांव में खेती किसानी की दशा बदतर है.
मंत्री का ध्यान गोरिया करमा पशुपालन की ओर खींचा : विधायक मनोज यादव ने कहा गोरिया करमा में रेड सिंधी नस्ल की गायों का एशिया का सबसे बड़ा फार्म है, जिसकी दशा बदतर हो गयी है. मंत्री से आग्रह है झारखंड सरकार फार्म का उद्धार करे.
मंच का संचालन संस्कृति कर्मी मनोज सिन्हा ने किया. कार्यक्रम में भारतीय कृषि संस्थान के ओएसडी सह निदेशक डॉ विशाल नाथ पांडेय, सीएओ सुबोध नीरज, वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार, क़ृषि वैज्ञानिक डॉ पंकज कुमार, बिरसा बीज उत्पादन व अनुसंधान केंद्र के उप निदेशक श्रीनिवास गिरी, जिला परिषद उपाध्यक्ष किशुन यादव, प्रखंड प्रमुख मनोज राजक, बरही एसडीओ जोहन तुड्डू, बरही बीडीओ जयपाल महतो, जिला क़ृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.38 लाख की परिसंपत्तियों का वितरण : क़ृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गोरियाकरमा कृषि मेला में 142 लाभुकों के बीच 38 लाख 870 रुपये की कृषि संपत्तियों का वितरण किया.
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By Prabhat Khabar News Desk
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