नौकरी व मुआवजे की मांग, एनएच 522 डेढ़ घंटे रखा जाम

10 जुलाई को सड़क दुर्घटना में तीन मवेशी व्यापारियों की हुई थी मौत
हजारीबाग. 10 जुलाई को सड़क दुर्घटना में मारे गये घाघरा गांव के रामसेवक महतो व बंशी महतो के परिजनों व ग्रामीणों ने शव के साथ शुक्रवार को झुमरा में हजारीबाग-विष्णुगढ़ मार्ग को करीब डेढ़ घंटे तक जाम रखा. परिजन नौकरी व मुआवजा की मांग कर रहे थे. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. सड़क जाम की सूचना मिलते ही दारू सीओ रामबालक कुमार, बीडीओ हारून रशीद और थाना प्रभारी शफीक खान दलबल के साथ पहुंचे. मृतक के परिजनों को समझाया और मुआवजा के आश्वासन के बाद जाम को हटाया. इसके बाद सड़क पर आवागमन शुरू हुआ. जामकर्ता मृतक के परिजन के लिए नौकरी, बोलेरो चालक की गिरफ्तारी और मुआवजा की मांग कर रहे थे. प्रशासन ने चार घंटे के अंदर बोलेरो मालिक और चालक की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को चार लाख का मुआवजा का आश्वासन दिया. तब जाकर लोगों ने जाम हटाया. इस दौरान कांग्रेस के शशि मोहन सिंह, कैलाश पति देव समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
तेज रफ्तार बोलेरो ने तीनों को चपेट में ले लिया था
10 जुलाई को झुमरा-मेढकुरी पथ में तेज रफ्तार बोलेरो ने तीन मवेशी व्यापारी को अपनी चपेट में ले लिया था. जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी थी. मृतकोंं में घाघरा गांव के रामसेवक मेहता व बंसी महतो तथा अमली गांव के बासुदेव गोप शामिल हैं. शव के पोस्टमार्टम के बाद मेढकुरी घाघरा गांव के मृतक के परिजनों और आक्रोशित लोगों ने रामसेवक मेहता और बंशी महतो का शव सड़क पर रखकर एनएच-522 को जाम कर दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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