हजारीबाग के बड़कागांव में छठ की अनोखी परंपरा, इस खास धान से बनता है ठेकुआ और खरना का प्रसाद
Published by : Sameer Oraon Updated At : 25 Oct 2025 7:27 PM
बड़कागांव में पैसरा धान के खेत में खड़ी महिलाएं, Pic Credit- Sanjay Sagar
Chhath Puja 2025: हजारीबाग के बड़कागांव में छठ महापर्व के दौरान पैसरा धान से पारंपरिक तरीके से ठेकुआ और खरना का प्रसाद तैयार किया जाता है. यह परंपरा परदादा के समय से चली आ रही है और बड़कागांव की लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं को जीवित रखती है.
Chhath Puja 2025, बड़कागांव, (संजय सागर): झारखंड-बिहार में छठ महापर्व के मौके पर अक्सर रेडिमेड चावल से खरना और ठेकुआ का प्रसाद तैयार किया जाता है. लेकिन हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में आज भी खेतों से उपजा पैसरा धान से पारंपरिक तरीके से सिरककर सुखाया जाता है और उसी के चावल से खरना का प्रसाद बनाया जाता है. स्थानीय महिलाएं बताती हैं कि नये धान के चावल को पहले पानी में भिगोकर फुलाया जाता है, फिर ढेंकी और लोढ़ा सिलौट में पीसकर अरवा चावल तैयार किया जाता है. इसके बाद इस चावल से बनी रोटी को ठेकुआ के रूप में तैयार किया जाता है.
परदादा के समय से चली आ रही परंपरा
खैरातरी गांव की पार्वती देवी, पलांडू की देवकी महतो और कमली देवी कहती हैं, “हमारी यह परंपरा परदादा के समय से चली आ रही है. बड़कागांव के खैरातरी, होरम, चोरका, पंडरिया, गोंदलपुरा और आंगों समेत अन्य गांवों में छठ महापर्व के अवसर पर अरवा चावल से ठेकुआ बनाया जाता है. इसे छठ घाट पर प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है.”
Also Read: उग्रवाद की धरती से उठी सोहराय कला की खुशबू, राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा हजारीबाग का यह गांव
धान की बाली को भी चढ़ाया जाता है छठ घाट पर
बड़कागांव के तुरी मोहल्ला निवासी छठ व्रती सीमा बादल कहती हैं, “1982 से हमारे घर में छठ पूजा होती आ रही है. जब मैं अपने मायके बोकारो से बड़कागांव आई, तो यहां की संस्कृति अलग और खास लगी भले ही अन्य शहरों या राज्यों में रेडिमेड चावल से प्रसाद बनाया जाता है, लेकिन यहां नए धान की फसल के चावल से खरना और ठेकुआ तैयार किया जाता है. इतना ही नहीं, नए धान की बाली को भी छठ घाट में चढ़ाया जाता है.” यह परंपरा न केवल छठ के प्रसाद को पारंपरिक स्वाद देती है, बल्कि बड़कागांव की लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं को भी जीवित रखती है.
Also Read: 16वीं सदी में बना ये सूर्य मंदिर, जहां का तालाब आज तक नहीं सूखा! छठ में उमड़ती है लोगों की भीड़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










