हजारीबाग. शहर के ओकनी मुहल्ला स्थित एक अर्द्धनिर्मित घर से पुलिस ने सोमवार को एक सड़ा-गला शव बरामद किया. घनी आबादीवाले क्षेत्र में शव मिलने की सूचना पर सनसनी फैल गयी. शव का पहचान ओकनी तेली टोला निवासी 24 वर्षीय रोहित कुमार साव (पिता स्व पच्चू साव) के रूप में की गयी. परिजनों के अनुसार रोहित सात दिन से लापता था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. परिजनों को आशंका है कि रोहित की हत्या कर साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को अर्द्धनिर्मित घर में फेंक दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
बदबू आने के बाद शव का पता चला :
पुलिस ने जिस अर्द्धनिर्मित मकान से शव बरामद किया, वह मकान पिछले 10-12 सालों से खाली था. वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं है. घर में कंटीली झाड़ी उग आयी है. हालांकि उस स्थान के अगल-बगल बड़े-बड़े भवन हैं. रविवार को बदबू आने पर मुहल्ले वालों को पता चला कि अर्द्धनिर्मित घर की झाड़ी में शव पड़ा है. जिसके बाद शव को देखने और पहचान करने के लिए लोग इकट्ठा होने लगे.घर का इकलौता पुत्र था रोहित :
चचेरे भाई सुभाष कुमार साव ने बताया कि रोहित का विवाह चार साल पहले बड़कागांव के डोका में हुआ था. उसका तीन साल का एक बेटा है. रोहित परिवार का इकलौता बेटा था. शहर में टोटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था. वह एक माह पहले काम की तलाश में मुंबई गया था. 30 सितंबर को ही वह मुंबई से लौटा था. उसी दिन शाम में पत्नी को यह कहकर घर से निकला था कि मन नहीं लग रहा है. बाहर घूमकर आते हैं. उसके बाद वह घर नहीं लौटा. परिजनों ने दो दिन तक काफी खोजबीन करने के बाद दो अक्तूबर को थाना में उसकी गुमशुदगी का सनहा दर्ज कराया था. उसे नशा व किसी दूसरी बुरी आदत की लत नहीं थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

