हजारीबाग : मुनि श्री 108 आदित्य सागरजी महाराज का प्रवचन बाडम बाजार दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को हुआ. मंगल प्रवचन में उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि धर्म और अधर्म क्या है, लेकिन अधर्म को छोड़ धर्म के पथ पर चलने का साहस नहीं कर पाते. खुद जीने के लिए दूसरों का जीना मुश्किल कर देते हैं. ऐसे लोग स्वयं को असमर्थ बताते हैं. लोगों को अपने लक्ष्य की दिशा में जाने के लिए हिम्मत से काम लेना होगा. मोक्ष की प्राप्ति ही जीवन का लक्ष्य है. आप अपनी जिंदगी में बदलाव ला सकते हैं.
मुनि श्री का प्रवचन प्रतिदिन संध्या प्रात: आठ बजे बाडम बाजार में हो रहा है. कार्यक्रम के आयोजन में मीडिया प्रभारी विजय लुहाडिया, अध्यक्ष प्रताप छाबड़ा, महामंत्री पवन अजमेरा समेत जैन समुदाय के लोग जुटे हुए हैं.
