हजारीबाग. हजार और पांच सौ नोट के बंद होने से सभी वर्ग प्रभावित हैं. हर चौक- चौराहे पर नोटों की चर्चा आम हो गयी थी. मजदूर वर्ग भी इससे वंचित नहीं हैं. मजदूरों ने कहा कि हमारे पास पांच सौ और हजार के नोट नहीं है, तो चिंता किस बात की है. जिनके घरों में पांच सौ और हजार की गड्डी है, उन्हें चिंता करनी होगी. खिरगांव के शमशुद्दीन गोला बाजार चौक में मोटिया का काम करता है. उन्होंने बताया कि पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से हमलोगों की चिंता नहीं है. रोज दो से ढाई सौ रुपये कमाते हैं.
इसी से घर- परिवार चलाना होता है. सलगांवा के वासुदेव ने कहा कि पेट भरना तो मुश्किल है, पांच सौ व हजार के नोट कहां से जमा कर पायेंगे. हुलास ने कहा कि हम जैसे गरीबों के पास इतने बड़े नोट घर में नहीं रखते हैं. आज सरकार के निर्णय के बाद हमलोगों की कमाई कम हुई है. ग्राहक सामान लेने कम आये.
