बरही : बरही डीएवी परिसर में अनुमंडल स्तरीय सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना संबंधी कार्यशाला का अायोजन किया गया. कार्यशाला की शुरुआत करते हुए एसडीओ शब्बीर अहमद ने कहा कि जीटी रोड तेज रफ्तार परिवहन के लिए बना है. मालवाहक वाहनों का परिचालन इसी राष्ट्रीय उच्चपथ पर होता है. इस सड़क पर दुर्घटओं का ग्राफ ऊंचा है. दुर्घटना में लोग हताहत न हों, इस पर गंभीरता से सोचना है.
चोरदाहा से गोरहर तक बरही अनुमंडल क्षेत्र में 70 किमी लंबी जीटी रोड पर सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए क्या उपाय हो और घायलों का समुचित इलाज की व्यवस्था हम कैसे करें, इस पर गंभीरता से सोचना है.
कार्यशाला के दौरान बरही व बरकट्ठा के विधायक समेत अफसरों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व पत्रकारों ने अपने-अपने विचार रखे. साथ ही जीटी रोड पर होनेवाली तकनीकी खामियों की भी जानकारी दी.
ट्रॉमा सेंटर की मांग : जीटी रोड पर सड़क दुघर्टनाओं को देखते हुए बरही में एक ट्रामा सेंटर बनाने की मांग उठी. वहीं बरही विधायक मनोज यादव ने एनएएचआइ के अधिकारियों पर मेंटनेंस के नाम पर हो रही लूटपाट पर अंकुश लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि एजेंसी का कोई पता नहीं है. मेंटेनेंस का काम कहीं नहीं हो रहा है. टोल प्लाजा से करोड़ों के टैक्स वसूले जा रहे हैं, लेकिन कहीं एंबुलेंस की सुविधा नहीं दी गयी है.
बरकट्ठा विधायक जानकी यादव ने भी एनएएचआइ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. कार्यशाला में एनएएचआइ के कंसलटेंट शीलीग्राम सिंह, बरही डीएसी आनंद ज्योति मिंज, थाना प्रभारी अवधेश सिंह, चौपारण थाना प्रभारी मंजीत सिंह, गोरहर थाना प्रभारी, पुलिस इंस्पेक्टर रामपूजन सिंह, बरही सीओ संजय कुमार सिंह, पदमा बीडीओ मलय कुमार, सीओ बीरेंद्र हांसदा, सीओ बरकट्ठा मनोज कुमार तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
