हजारीबाग : बड़कागांव में अनोखे तरीके से मनाया जाता है मकर संक्रांति

By Prabhat Khabar Digital Desk
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- बच्चों को लंबे होने के लिए पहनाया जाता है कनौसी

संजय सागर, बड़कागांव

बड़कागांव प्रखंड में मकर संक्रांति का पर्व अनोखे तरीके से मनाया जाता है. हालांकि यह पर्व हर वर्ष 14 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाता था. लेकिन इस बार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जायेगा. खगोलीय घटना के कारण सूर्य का मकर राशि में गोचर 15 जनवरी को हो रहा है. जिस कारण हिंदू पंचांग में इस बार 15 जनवरी की तिथि निर्धारित की गयी है.

बड़कागांव का मकर संक्रांति अनोख होता है. यहां बच्चों को लंबा होने के लिए सबसे पहले स्नान कराया जाता है. उसके बाद तिल के आग के ऊपर से पार कराया जाता है. इसके बाद पूजा अर्चना करवाकर उन्हें तिलकुट, गुड़ एवं चूड़ा, दही खिलाया जाता है. अगर इतने में भी बच्चे 5 वर्ष या 10 वर्ष तक लंबे नहीं होते हैं तो उनके कान में कनौसी पहना दिया जाता है.

इसी दिन लड़कियों के कान छिदवाये जाते हैं. बच्चे पतंग उड़ाकर भी मकर संक्रांति मनाते हैं. मकर संक्रांति के अगले दिन सुबह लोग नदियों में जाकर स्नान कर भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करते हैं.

मकर सक्रांति मेला

बड़कागांव प्रखंड के लॉकरा स्थित गंघुनिया, बादम के पंचवानी मंदिर, नापो कला पंचायत के मुरली पहाड़ में मेले का आयोजन शुरू हो गया. पंचवानी मंदिर के बगल में जल कुंड एवं लॉकरा के गंधुनिया के जल कुंड में नहाने वाले लोगों की भीड़ उमड़ गयी है.

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