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रैयतों ने परियोजना का उत्पादन कार्य किया ठप

Updated at : 26 Dec 2018 9:22 AM (IST)
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रैयतों ने परियोजना का उत्पादन कार्य किया ठप

हजारीबाग : रैयतों को नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास देने सहित पूर्व समझौते को अविलंब लागू करने की मांगों को लेकर मंगलवार को झामुमो के बैनर तले सतकड़िया बस्ती के रैयतों ने गिद्दी सी परियोजना का उत्पादन कार्य अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दिया है. कोलियरी प्रबंधन से रैयतों की वार्ता हुई, लेकिन विफल हो गयी. […]

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हजारीबाग : रैयतों को नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास देने सहित पूर्व समझौते को अविलंब लागू करने की मांगों को लेकर मंगलवार को झामुमो के बैनर तले सतकड़िया बस्ती के रैयतों ने गिद्दी सी परियोजना का उत्पादन कार्य अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दिया है. कोलियरी प्रबंधन से रैयतों की वार्ता हुई, लेकिन विफल हो गयी.
रैयतों ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. जानकारी के अनुसार, सतकड़िया बस्ती के रैयतों ने सुबह लगभग छह बजे से गिद्दी सी परियोजना का उत्पादन कार्य ठप कर दिया.
रैयत झामुमो का झंडा लेकर कोयला डिपो पर जमे हुए हैं. उनके आंदोलन का नैतिक समर्थन गिद्दी सी लोकल सेल संचालन समिति से मिल रहा है. झामुमो प्रखंड अध्यक्ष लखनलाल महतो व राजेश टुडू ने कहा कि वर्ष 2012 व 2015 में प्रबंधन के साथ रैयतों की समझौता वार्ता हुई थी, लेकिन उस वार्ता को प्रबंधन पूरा नहीं कर रहा है.
कई रैयतों को नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास से वंचित रखा जा रहा है. झामुमो नेता लखनलाल महतो ने कहा कि क्षेत्रीय प्रबंधन के उदासीन रवैये के कारण रैयतों को हक अधिकार नहीं मिल रहा है. क्षेत्रीय प्रबंधन की यही नीति रहेगी, तो अरगडा क्षेत्र में कोलियरी का विस्तार नहीं हो सकता है. रैयतों ने कहा कि यहां के कुछ लोगों को ही प्रबंधन ने नौकरी दी है. अन्य मांगों पर प्रबंधन सिर्फ आश्वासन ही दे रहा है.
मांगों के प्रति प्रबंधन गंभीर रहा है
अरगडा महाप्रबंधक बीके शुक्ला ने कहा कि सतकड़िया बस्ती के कुछ लोग निजी स्वार्थ की खातिर गिद्दी सी कोलियरी को अपना जागीर समझ बैठे हैं. जब चाहते हैं, तब कोलियरी को बंद कर देते हैं. उनकी मांगों के प्रति प्रबंधन शुरू से ही गंभीर रहा है. प्रबंधन उन्हें समझा कर थक गया है. प्रबंधन ने अब गिद्दी सी परियोजना को बंद करने का निर्णय लिया है. गिद्दी सी कर्मियों को तबादला करने की योजना बनायी जा रही है.
आंदोलन करने वालों में लखनलाल महतो, राजेश्वर महतो, शिवजी बेसरा, कालीदास मांझी, सुरेश मांझी, शशि सोरेन, दिलीप सोरेन, राजेश मुर्मू, नरेश टुडू, सुरेश हांसदा, शिव बेसरा, दिलीप बेसरा, तालो सोरेन, गोमीलाल बेसरा, तापेश्वर बेसरा, आनंद टुडू, नंदू मरांडी, राजा मरांडी, अनिल बेसरा, रामदेव, संतोष टुडू, कृष्णा मरांडी, मनीष सोरेन, सेराज, किनु मियां, बहाराम सोरेन, संदीप, विकास, पानो, रासमुनी, सरिता, फुलपति, प्रकाश, दिनेश, अनिल, अर्जुन, राजेश, शांति, सबिता, शुकरमुनी, दुलारी, सुरजी, राधा, सुशीला, ललिता, मुनकी, लीलावती शामिल हैं.
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