पढ़ाई शुरू नहीं हुई, तो करेंगे आंदोलन

Published at :05 Jun 2018 4:57 AM (IST)
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पढ़ाई शुरू नहीं हुई, तो करेंगे आंदोलन

हजारीबाग : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय हजारीबाग का एकमात्र महिला कॉलेज में इंटर आइएससी की पढ़ाई बंद करने का छात्र संगठनों ने विरोध किया है. 1963 में बने कृष्ण बल्लभ महिला महाविद्यालय हजारीबाग में शुरू में इंटर विज्ञान की पढ़ाई हो रही थी. पिछले सत्र 2017 से एकाएक पढ़ाई बंद कर दी गयी. जबकि इंटर […]

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हजारीबाग : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय हजारीबाग का एकमात्र महिला कॉलेज में इंटर आइएससी की पढ़ाई बंद करने का छात्र संगठनों ने विरोध किया है. 1963 में बने कृष्ण बल्लभ महिला महाविद्यालय हजारीबाग में शुरू में इंटर विज्ञान की पढ़ाई हो रही थी. पिछले सत्र 2017 से एकाएक पढ़ाई बंद कर दी गयी. जबकि इंटर आर्ट्स व कॉमर्स की पढ़ाई हो रही है. इस वर्ष 2018 में केबी महिला कॉलेज में इंटर विज्ञान की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर छात्र संगठन आंदोलित है.

मैट्रिक का रिजल्ट कुछ दिनों में आनेवाला है. इसके आद सभी कॉलेजों में इंटर में नामांकन के लिए भरने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. कॉलेज में आइएससी की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रमेश शरण को सिर्फ लेना होगा, ताकि इस सत्र में कॉलेज में आइएससी में नामांकन प्रक्रिया के लिए फार्म विद्यार्थियों को उपलब्ध हो सके. शहर के संत कोलंबा कॉलेज, मार्खम कॉलेज, अन्नदा कॉलेज में आइएससी की पढ़ाई हो रही है. सिर्फ लड़कियों के कॉलेज में बंद है. शहर व ग्रामीण क्षेत्र के मध्यम वर्ग के परिवार की लड़कियों को सरकारी शुल्क पर आइएससी की पढ़ाई महिला कॉलेज में होती थी. इन लड़कियों को निजी कॉलेजों में पढ़ने में अधिक शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे उनके अभिभावक परेशान है.

केबी महिला कॉलेज
वर्ष 2017 में महिला कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई बंद हुई थी, जबिक आर्ट्स व कॉमर्स की पढ़ाई चल रही है
सभी छात्र संगठन करेंगे आंदोलन
एबीवीपी, एनएसयूआइ, एआइडीएसओ, जेवीसीएम, आजसू, जेसीएम, आदिवासी मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा जाति मोर्चा समेत सभी छात्र संगठन केबी महिला कॉलेज में सत्र 2018 से इंटर विज्ञान आइएससी की पढ़ाई शुरू करने की मांग की है. जिस तरह वर्ष 2017 तक इस कॉलेज में इंटर विज्ञान की पढ़ाई होती थी, इस वर्ष भी शुरू की जाये. अभाविप के प्रांत विवि कार्य प्रमुख अमित चौबे ने कहा कि अचानक इंटर साइंस की पढ़ाई बंद कर देने से छात्राओं में भटकाव की स्थिति पैदा हो गयी है. जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती है, कॉलेज में पढ़ाई जारी रखी जाये. एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष प्रकाश यादव ने कहा कि इंटर की पढ़ाई बंद करने के पहले सरकार महिला इंटर कॉलेज खोले. हजारीबाग शहर शिक्षा का केंद्र है. यहां रामगढ़, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद की छात्राएं पढ़ाई करती है. लड़कियों को शिक्षा देने के लिए केबी महिला कॉलेज में इंटर की पढ़ाई शुरू की जाये. जेवीसीएम के केंद्रीय प्रभारी विशाल कुमार वाल्मीकि ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आनेवाली लड़कियों को पहली प्राथमिकता महिला कॉलेज में पढ़ाई करने की होती है. सरकारी कॉलेज होने से कम शुल्क लगता है. आइएससी की पढ़ाई इस सत्र से शुरू होनी चाहिए, नहीं तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे. एआइडीएसओ के जिलाध्यक्ष जीवन यादव ने कहा कि इंटर में साइंस पढ़ने के लिए छात्राएं कई कॉलेजों में भटक रही है. छात्राओं की संख्या अधिक होने से महिला कॉलेज में इंटर विज्ञान की पढ़ाई बंद नहीं होनी चाहिए. सरकार नये कॉलेज खोल नहीं रही है. छात्राओं की परेशानी को देखते पढ़ाई नहीं शुरू की गयी, तो आंदोलन करेंगे. जेसीएम के विभावि अध्यक्ष चंदन सिंह ने कहा कि शहर में एकमात्र लड़कियों के लिए सरकारी कॉलेज में इंटर विज्ञान की पढ़ाई बंद होने से परेशानियां बढ़ गयी है.
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