आदेश के बाद भी नहीं आये अफसर व कर्मी, करोड़ों की लागत से बने सरकारी आवास जर्जर

Published at :03 Aug 2017 1:28 PM (IST)
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आदेश के बाद भी नहीं आये अफसर व कर्मी, करोड़ों की लागत से बने सरकारी आवास जर्जर

टाटीझरिया: प्रखंड मुख्यालय परिसर में दो साल पूर्व बीडीओ-सीओ समेत कर्मचारियों के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से आवास का निर्माण कराया गया था. करोड़ों की लागत से बने आवासों का उपयोग नहीं हुआ. नतीजा यह हुआ कि अफसरों व कर्मचारियों के लिए बने आवास की स्थिति जर्जर हो गयी. सारी सुविधाओं से […]

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टाटीझरिया: प्रखंड मुख्यालय परिसर में दो साल पूर्व बीडीओ-सीओ समेत कर्मचारियों के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से आवास का निर्माण कराया गया था. करोड़ों की लागत से बने आवासों का उपयोग नहीं हुआ. नतीजा यह हुआ कि अफसरों व कर्मचारियों के लिए बने आवास की स्थिति जर्जर हो गयी. सारी सुविधाओं से युक्त सरकारी आवास में आज तक कोई अफसर रहने नहीं आये.

पदाधाकारी व कर्मचारी अपने घरों व हजारीबाग मुख्यालय से ही आना जाना करते हैं. पदाधिकारी हमेशा विलंब से अॉफिस पहुंचते हैं, जिससे आमलोगों का समय पर काम नहीं हो पाता है. टाटीझरिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में कुल तीन आवासों में बीडीओ-सीओ व कर्मचारियों के लिए अलग-अलग फ्लैट बनाये गये हैं. भरन में बिजली, शौचालय, पेयजल की समुचित व्यवस्था है, लेकिन किसी के नहीं रहने के कारण भवन की स्थिति जर्जर होती जा रही है. सारी सुविधाएं भी नष्ट हो रही है. फ्लैट के कई सामान की चोरी भी हो गयी है. भवन में अब झाड़ियां भी उग आयी है. अब तक दरवाजे एवं खिड़कियां भी टूट गयी हैं.
आवास का आवंटन कर्मचारियों के बीच कर दिया गया है. पानी, बिजली, पेयजल आदि अन्य संसाधनों के अभाव के कारण लोग यहां रहना पसंद नहीं चाहते हैं.
कुमुदिनी टुडू, बीडीओ
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