गुमला में गूंजा ‘जय धर्मेश’: 7 राज्यों और नेपाल से पहुंचे हजारों भक्त, संतान प्राप्ति पर परिवार ने चढ़ाई 21 हजार की दक्षिणा

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गुमला के सिरसी-ता नाले में उमड़े श्रद्धालु, Pic Credit- Prabhat Khabar

Sira Sita Puja Sthal: गुमला के ऐतिहासिक ककड़ोलता (सिरसी-ता नाले) में सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. धर्मगुरु बंधन तिग्गा की मौजूदगी में नेपाल के साथ साथ कई राज्यों से आए 50 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया. जानें इस धार्मिक स्थल की महिमा और मन्नत पूरी होने की अनोखी कहानी.

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Sira Sita Puja Sthal, गुमला (दुर्जय पासवान): गुमला के डुमरी प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल सिरसी-ता नाले उर्फ ककड़ोलता में गुरुवार को सामूहिक प्रार्थना सह पूजा कार्यक्रम हुआ. इसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 50 हजार श्रद्धालु शामिल हुए. कार्यक्रम को लेकर पूरे पूजा स्थल परिसर में धार्मिक उत्साह, आस्था व श्रद्धा का माहौल देखने को मिला. सुबह में ककड़ोलता परिसर में आदिवासी धर्मगुरु बंधन तिग्गा व गहजू बैगा की अगुवाई में सामूहिक प्रार्थना और पूजा की गयी.

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श्रद्धालुओं ने की देश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना

श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज व देश की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए श्रद्धा भाव से पूजा की. धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने बताया कि हमारे समाज के पूर्वजों ने आस्था व विश्वास के साथ गुरुवार के दिन को विशेष पूजा के लिए चुना है, जिसका ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व है. कहा कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां आकर पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. उन्होंने कहा कि लोग शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख, दुख-दर्द और जीवन की विभिन्न परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए यहां आते हैं.

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एक परिवार ने साझा की चमत्कार की कहानी

यह धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा व सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. यहां श्रद्धालु चाला मां, धर्मेश बाबा व मानव सृजन स्थल पर अपनी आस्था प्रकट करते हैं. इस विश्वास के कारण हर वर्ष लाखों की संख्या में लोग इस पवित्र स्थल पर पहुंचते हैं. कार्यक्रम के दौरान आस्था व विश्वास का एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला. एक परिवार ने बताया कि उन्हें लंबे समय तक संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही थी. ककड़ोलता में पूजा और मन्नत मांगने के बाद उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. संतान प्राप्ति की खुशी में उस परिवार ने चाला मां, धर्मेश बाबा एवं मानव सृजन स्थल पर 21 हजार रुपये दक्षिणा अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की.

कई राज्यों से शामिल हुए थे सरना धर्मावलंबी

कार्यक्रम में बिहार से प्रमोद उरांव, पश्चिम बंगाल से भगवान दास मुंडा, छत्तीसगढ़ से मिटकू उरांव, असम से विश्वनाथ कुजूर, ओड़िशा से मनीलाल उरांव, नेपाल से पांचू उरांव, उत्तर प्रदेश से जितेंद्र उरांव समेत झारखंड के कमले उरांव, रवि जी तिग्गा, चिंतामणि उरांव, रंथू उरांव समेत हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे.

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