रैन हॉस्पिटल ने मरीज को बनाया बंधक, शिकायत पर पहुंचे अधिकारी

Published by :Akarsh Aniket
Published at :02 Mar 2026 9:26 PM (IST)
विज्ञापन
रैन हॉस्पिटल ने मरीज को बनाया बंधक, शिकायत पर पहुंचे अधिकारी

दुर्घटना में गुमला तिर्रा की लक्ष्मी कुमारी के पति सोमा उरांव के चेहरे पर छड़ घुस गया था.

विज्ञापन

दुर्घटना में गुमला तिर्रा की लक्ष्मी कुमारी के पति सोमा उरांव के चेहरे पर छड़ घुस गया था.

प्रतिनिधि, गुमला गुमला में सोमवार को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया सनसनीखेज मामला सामने आया. मामला एक गरीब पत्नी और जशपुर रोड में पुराने एलआइसी बिल्डिंग में संचालित रैन हॉस्पिटल (प्राइवेट) की है. गरीब पत्नी लक्ष्मी कुमारी गुमला प्रखंड के तिर्रा गांव की रहने वाली है. इनके पति सोमा उरांव को दो दिन पहले इलाज के लिए रैन हॉस्पिटल में भरती कराया गया है. लेकिन हॉस्पिटल के खर्च और आवश्यक इलाज में कमी को देखते हुए लक्ष्मी अपने पति को घर ले जाना चाह रही थी. लक्ष्मी ने कहा कि जब वह अपने पति को घर ले जाना चाह रही थी तो हॉस्पिटल द्वारा 1.15 लाख रुपये मांग किया जाने लगा. जिसके बाद लक्ष्मी ने अपनी गरीबी का हवाला दिया और पैसे देने से इंकार किया. जिस पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने लक्ष्मी से कहा कि जब तक वह पैसे नहीं देगी, तब तक वह अपने पति को अपने साथ नहीं जा सकेगी. लक्ष्मी ने इसकी शिकायत उपायुक्त गुमला से की. जिले के अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गयी. लक्ष्मी ने बताया कि गत दो दिसंबर 2025 को उसके पति सोमा रांची के रिंग रोड में दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गये थे. उन्होंने बताया कि वे लोग मजदूरी कर जीवन-यापन चलाते हैं. दो दिसंबर को सोमा मजदूरी करने के लिए गाड़ी में शादी का सामान पहुंचाने गया था. उस गाड़ी में सोमा के साथ दो और लोग भी थे. दुर्घटना में सोमा के चेहरे में छड़ घुस गया था. उसके माथे पर भी चोट लगी थी. वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसी घटना में एक की मौत भी हो गयी थी और एक आंशिक रूप से घायल हो गया था. लक्ष्मी ने बताया कि घायल सोमा को इलाज के लिए रांची रिम्स में भरती कराया गया. इसके बाद वह अपने पति सोमा को इलाज के लिए तेज हॉस्पिटल में भरती करायी. जहां करीब 40 हजार रुपए खर्च हो गया. वहां इलाज समझ नहीं आने पर वह अपने पति को गुरुनानक हॉस्पिटल में इलाज कराने ले गयी. जहां करीब 1.13 लाख रुपये खर्च की. इसके बाद सोमा के एक दोस्त अमर बारला सोमा को इलाज के लिए जबरन गत 28 फरवरी को गुमला में रैन हॉस्पिटल में लाकर भरती करा दिया. लक्ष्मी ने बताय कि वह गत एक फरवरी को हॉस्पिटल पहुंची. जहां उसने अपने पति को सिर्फ पानी चढ़ता हुआ पाया. लक्ष्मी ने बताया कि वह पहले ही रांची के प्राइवेट हॉस्पिटलों में काफी खर्च कर चुकी है. लक्ष्मी ने बताया कि जब वह अपने पति को घर लाने की बात हॉस्पिटल में कही तो हॉस्पिटल द्वारा 1.25 लाख रुपये मांगा जाने लगा. हॉस्पिटल में बताया गया कि सोमा के इलाज में 1.25 लाख रुपए लगा है. पैसे देने के बाद ही वह अपने पति को घर ले सकेगी. लक्ष्मी ने बताया कि पैसे नहीं देने पर उसके पति को हॉस्पिटल में बंधक बनाकर रखा गया है. इस संबंध में हॉस्पिटल के मैनेजर आकाश कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बंधक बनाने की बात से इंकार किया. कहा कि इलाज में हुए खर्च का पैसा देने के बाद लक्ष्मी अपने पति को घर ले सकती है.

सिविल सर्जन ने डॉक्टर की ली क्लास

सूचना के बाद सबसे पहले हॉस्पिटल में गुमला थाना से एसआइ अमर पहुंचे. इसके कुछ देर में ही सिविल सर्जन डॉक्टर शंभुनाथ चौधरी व सदर थाना प्रभारी महेंद्र करमाली हॉस्पिटल पहुंचे. जहां सिविल सर्जन मामले का जानकारी लेने लगे तो एक डॉक्टर द्वारा सिविल सर्जन व थाना प्रभारी से डिसिप्लीन की बातें करने लगा. जिसपर सिविल सर्जन ने डॉक्टर की जमकर क्लास ली.

न डॉक्टर का कंसेट लेटर मिला, न ही हॉस्पिटल के कागज

मौके पर सिविल सर्जन द्वारा हॉस्पिटल के मैनेजर आकाश कुमार से भी बात की. सिविल सर्जन द्वारा पूछे जाने पर मैनेजर ने बताया कि लक्ष्मी के पति के इलाज में करीब 1.15 लाख रुपये खर्च आया है. वहीं सिविल सर्जन द्वारा जब लक्ष्मी के पति सोमा उरांव का इलाज करने वाले डॉक्टर के बारे में पूछा गया, तो मैनेजर ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया. सिविल सर्जन द्वारा मैनेजर को डॉक्टर का कंसेट लेटर दिखाने के लिए कहा गया तो मैनेजर द्वारा लेटर मोबाइल में दिखाने लगा. सिविल सर्जन जब कड़ाई से पूछा तो मैनेजर ने लेटर मंगाने के लिए सिविल सर्जन से दो घंटे का समय मांगा. इस बीच सिविल सर्जन द्वारा मैनेजर से हॉस्पिटल संबंधित कागजात दिखाने को कहा गया, तो मैनेजर वह भी नहीं दिखा पाया. सिविल सर्जन ने कहा कि हॉस्पिटल ऑनलाइन में चल रहा है.

मरीज ब्रेन का और इलाज कर रहा था आयुष डॉक्टर

जांच के क्रम में हॉस्पिटल की डॉक्टर नेहा ने सिविल सर्जन से मोबाइल फोन पर बात किया और संभवत: सिविल सर्जन को मामले के बारे में समझाने का प्रयास किया. जिसपर सिविल सर्जन भड़क उठे. उन्होंने डॉक्टर नेहा से कहा कि यह हॉस्पिटल ऑनलाइन चल रहा है. यहां एक ब्रेन के मरीज का इलाज आयुष डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है. इस बीच संभवत: डॉक्टर नेहा द्वारा फिर से सिविल सर्जन को समझाने का प्रयास किया गया. जिसपर सिविल सर्जन ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे नियम के हिसाब से काम करेंगे.

सोमा का दिल्ली एम्स में होगा इलाज : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन ने डॉक्टर नेहा से मोबाइल पर बात करने से इंकार करते हुए कहा कि जो भी बात करनी है. सामने आकर करें. वहीं सिविल सर्जन ने मैनेजर को जल्द से जल्द बिना पैसे लिए सोमा उरांव को डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया. साथ ही लक्ष्मी को अपना मोबाइल नंबर दिया और डिस्चार्ज के बाद मिलने के लिए कहा. सिविल सर्जन ने कहा कि सोमा को इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेजा जायेगा.

विज्ञापन
Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola