Jharkhand News : पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद झारखंड के लाल विजय सोरेंग का गांव आज भी उपेक्षित, बीडीओ ने दिया ये आश्वासन

Updated at : 14 Feb 2021 3:26 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand News : पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद झारखंड के लाल विजय सोरेंग का गांव आज भी उपेक्षित, बीडीओ ने दिया ये आश्वासन

Jharkhand News, Gumla News, बसिया न्यूज (कमलेश साहू) : जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड के फरसामा के लाल हवलदार विजय सोरेंग की शहादत के दो वर्ष पूरे हो गये, लेकिन आज भी शहीद का गांव उपेक्षित है. परिजनों ने कहा कि पहले कई घोषणाएं की गयीं, लेकिन वक्त के साथ सभी भूल गये. बीडीओ ने शहीद के गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया.

विज्ञापन

Jharkhand News, Gumla News, बसिया न्यूज (कमलेश साहू) : जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड के फरसामा के लाल हवलदार विजय सोरेंग की शहादत के दो वर्ष पूरे हो गये, लेकिन आज भी शहीद का गांव उपेक्षित है. परिजनों ने कहा कि पहले कई घोषणाएं की गयीं, लेकिन वक्त के साथ सभी भूल गये. बीडीओ ने शहीद के गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया.

गुमला के लाल शहीद विजय सोरेंग सीआरपीएफ 82वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. विजय सोरेंग 1993 में सेना में भर्ती हुए थे. 1995 में एसपीजी में कमांडो दस्ते में थे. शहीद विजय सोरेंग की माता लक्ष्मी देवी एवं पिता ब्रिस सोरेंग को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है. ब्रिस सोरेंग ने बताया कि बेटे के शहीद हुए दो साल हो गये, परंतु अब भी विश्वास नहीं होता. आज भी ये महसूस होता है कि बेटा कहीं से वापस घर लौटेगा. उन्होंने कहा की मैं खुद फ़ौज की नौकरी से रिटायर हुआ हूं. देश की सेवा में बेटे के शहीद होने से खुद को फख्र हो रहा है.

Also Read: Jharkhand News : तुर्की में भारतीय टीम से फुटबॉल खेलेगी झारखंड के गुमला की बेटी सुमति उरांव, पढ़िए किसान की बिटिया ने कैसे हासिल की उपलब्धि

शहीद विजय सोरेंग की मां लक्ष्मी सोरेंग ने कहा कि बेटे से बिछड़ने का अफसोस है, पर गर्व है कि मेरा बेटा देश की सेवा में शहीद हुआ. शहीद विजय के भाई संजय सोरेंग ने कहा कि भाई के शहीद हुए दो वर्ष हो गये. लगता है, वह अभी भी ड्यूटी में तैनात हैं. उन्होंने कहा कि चूंकि भैया ड्यूटी के दौरान ही शहीद हो गये. इसलिए अभी भी विश्वास नहीं होता कि वे हमारे बीच नहीं हैं. शहीद विजय की पहली पत्नी कार्मेला बा रांची होटवार में झारखंड पुलिस महिला बटालियन में कार्यरत है, वहीं दूसरी पत्नी विमला अपने मायके सिमडेगा के कोचेडेगा में रहती है.

Also Read: Valentine’s Day 2021 : झारखंड के गुमला में बीएसएफ से रिटायर जवान ने अपनी पत्नी की याद में बनायी धर्मशाला, पढ़िए कैसे गांव वालों के काम आ रही प्रेम की निशानी
undefined

पहली पत्नी से पुत्र 22 वर्षीय अरुण सोरेंग को सीआरपीएफ ने नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन अरुण ने सरकार से सिविल में नौकरी की मांग की थी. इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पहल के लिए ज्ञापन सौपा है. वहीं शहीद विजय की दूसरी पत्नी से तीन बेटी और एक बेटा हैं. जिनमें बड़ी बेटी बरखा सोरेंग को जयपुर राजस्थान में रिलायंस कंपनी के द्वारा एवं बेटे राहुल सोरेंग को हरियाणा के झझर में सहवाग इंटरनेशनल कंपनी द्वारा पढ़ाया जा रहा है.

पिता ब्रिस सोरेंग ने बताया कि मातृभूमि की रक्षा के लिए शहीद होकर अपने राज्य, जिले एवं गांव का नाम रोशन करने वाले मेरे बेटे शहीद विजय का गांव अभी भी उपेक्षित है. गांव में पेयजल की भारी समस्या है. यहां तक आने वाली सड़क भी काफी जर्जर है. प्रशासन से मांग रखी गयी थी कि कुम्हारी तालाब चौक को विजय चौक बना कर वहां शहीद की प्रतिमा लगायी जाये. शहीद के नाम से स्टेडियम का निर्माण एवं शहीद के घर तक आने वाली सड़क का निर्माण किया जाये. पर अब तक हमारी एक भी मांग पूरी नहीं हुई है. इस संबंध में बीडीओ रविंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि गांव में जल्द ही मुलभूत सुविधा पानी, सड़क सहित अन्य सरकारी सुविधा बहाल कर शहीद के गांव फरसामा को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जायेगा.

Also Read: Jharkhand Crime News : गुमला में लापता इंटर के छात्र का मिला शव, परिजनों ने जतायी हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

पिता ब्रिस सोरेंग ने बताया कि बेटे के शहीद होने के बाद रांची के एक फ्लैट निर्माता कंपनी ने परिजनों को रांची में एक फ्लैट देने की घोषणा की थी. इसके लिए हमें जमीन भी दिखाया गया था, पर अब तक फ्लैट नहीं दिया गया. वहीं दूसरी ओर बीसीसीएल ने 91 लाख रुपये देने की घोषणा की थी. उसे सिर्फ इस बात पर रोक दिया गया है कि परिवार में विवाद है, जबकि हमारे परिवार में कोई विवाद नहीं है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola