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गुमला के पंचायतों में बदलाव ला रही हैं शिक्षित महिला मुखिया

Updated at : 07 Mar 2024 11:08 PM (IST)
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गुमला के पंचायतों में बदलाव ला रही हैं शिक्षित महिला मुखिया

गुमला की 159 पंचायतों में आधे से अधिक में महिला मुखिया है. इन सभी मुखियाओं के कारण पंचायत में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है

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गुमला: गुमला जिले में 159 पंचायत हैं, जिसमें आधे से अधिक पंचायत में महिला मुखिया हैं. इसमें कई पढ़ी-लिखी मुखिया हैं. कोई शिक्षक, तो कोई जेपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं. परंतु परीक्षा की तैयारी के अलावा मुखिया बन कर अपनी पंचायत के विकास में लगी हुई हैं. पढ़ी-लिखी मुखियाओं के कारण पंचायत में बदलाव आ रहा है. प्रस्तुत है महिला दिवस पर रिपोर्ट.

बीए पास है आदिम जनजाति मुखिया ज्योति

डुमरी प्रखंड के मझगांव पंचायत की आदिम जनजाति मुखिया ज्योति बहेर देवी दो बार अपनी पंचायत से मुखिया बनी है. वह बीए पास आदिम जनजाति मुखिया है. घर पहाड़ व जंगलों के बीच है, फिर भी वह हर दिन अपनी पंचायत कर भ्रमण करती हैं. दूरस्थ पंचायत होने से लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पंचायत भवन में कई सुविधाएं मुहैया करायी हैं. मुखिया अपने परिवार को चलाने के लिए खुद खेती-बारी करती हैं.

पंचायत के विकास में लगी हैं मुखिया रोसालिया व पुष्पा

कामडारा प्रखंड की रामपुर पंचायत की मुखिया रोसालिया सोरेंग बीए पास है. इसके अलावा वह रामपुर चर्च की महिला सभा नेत्री भी है. वह दो बार मुखिया बनी. वे अपनी पंचायत को मॉडल बनाने में लगी है. कहा कि गांवों का विकास करना मेरा संकल्प है. सालेगुटू पंचायत की मुखिया पुष्पा सुरीन बीए पास है. पुष्पा सुरीन की पहचान समाजसेवी के रूप में भी है. उनका कहना है कि मैं जनता की सेवा करने के लिए मुखिया बनी हूं.

विकास करने में आगे है पांचवीं पास मुखिया अंगनी

घाघरा प्रखंड की चपका पंचायत की मुखिया अंगनी उरांव पांचवीं पास है. परंतु, पंचायत के विकास में वह सबसे आगे है. सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में यह पंचायत सबसे आगे है. अंगनी उरांव ने कहा कि लोगों के कहने पर मैं चुनाव लड़ी और जीत दर्ज की. इसलिए प्राथमिकता के तौर पर मैं अपनी पंचायत के विकास के अलावा लोगों की हर समस्याओं को हमेशा दूर करने का पूरा प्रयास करते रहती हूं.

सोशल मीडिया पर सक्रिय है सत्यावती देवी

गुमला प्रखंड की वृंदा पंचायत की मुखिया सत्यावती देवी स्नातक पास है. गुमला प्रखंड में सत्यावती पहली मुखिया है, जो अपनी पंचायत में सुबह से लेकर शाम तक सक्रिय होकर काम करती है. साथ ही विकास योजनाओं को धरातल में उतारने में भी आगे है. किसी के घर में कोई परेशानी हो, सिर्फ सूचना मिलते मुखिया पीड़ित परिवार के घर पहुंच जाती है. सोशल मीडिया में भी सत्यावती सक्रिय होकर जनता की बातों को सुनती है.

खेतीबारी व पशुपालन कर रही है मुखिया मधुरा

चैनपुर प्रखंड की कातिंग पंचायत की मुखिया मधुरा मिंज पंचायत के विकास में लगी हुई है. मधुरा मिंज पंचायत का दायित्व निभाने के अलावा वह खुद खेती-बारी व पशुपालन करती है. मुर्गी व बतख पालन कर वह पंचायत में दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गयी है. प्रखंड की यह पहली मुखिया है, जो पब्लिक से उनके घरों में जाकर मिलती है. साथ ही जरूरत के अनुसार समस्या भी दूर करती है.

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