गुमला की सहिजना कोयल नदी में डूबने से 11 साल के बच्चे की मौत, चौथी कक्षा में पढ़ता था प्रिंस

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सहिजना कोयल नदी में मृतक का शव खोजती एनडीआरएफ की टीम

Gumla News: गुमला में तीन बच्चे कोयल नदी में नहाने गए थे. इस दौरान एक बच्चे की डूबने से मौत हो गयी. नदी में डूबने के बाद मासूम 15 किलोमीटर तक बहते हुए झाड़ी में जाकर फंस गया था. 24 घंटे की तलाशी के बाद एनडीआरएफ की टीम ने शव को खोज निकाला. मृतक प्रिंस नाना के घर में रहकर पढ़ाई कर रहा था. वह सहिजना के प्राथमिक विद्यालय के कक्षा चार का छात्र था.

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Gumla News: गुमला, दुर्जय पासवान-गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित पुसो थाना क्षेत्र की सहिजना कोयल नदी में नहाने गए तीन बच्चों में से एक बच्चे की डूबने से मौत हो गयी. मृतक पुसो गांव निवासी स्वर्गीय मनोहर महतो का 11 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार महतो है. घटना गुरुवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है. 24 घंटे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने प्रिंस के शव को नदी से खोजकर निकाला. नदी में डूबने के बाद प्रिंस 13 किमी तक बहकर झाड़ी में फंस गया था. छह साल पहले मृतक के पिता की भी मृत्यु हो गयी थी. पिता की मृत्यु के बाद मृतक प्रिंस और उसका छोटा भाई टुकटुक कुमार महतो (8 वर्ष) सहिजना गांव में अपने नाना के घर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. मृतक सहिजना के प्राथमिक विद्यालय के कक्षा चार का छात्र था.

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पिता के बाद बेटे की मौत से टूटा परिवार


दोनों भाई प्रिंस और टुकटुक अपने दोस्त राज उरांव (11 वर्ष) के साथ कोयल नदी में नहाने गए थे. अचानक नहाते समय प्रिंस गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. उसको डूबते देख टुकटुक और राज नदी के किनारे पर आ गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे. आसपास किसी के नहीं होने पर टुकटुक को वहीं छोड़ राज ने दौड़ते हुए गांव आकर घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी. आनन-फानन में ग्रामीण नदी पहुंचे और प्रिंस की नदी में खोजने लगे. घटना की सूचना मिलते ही थानेदार जहांगीर खान दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से उन्होंने भी बच्चे को खोजने का प्रयास किया, किंतु प्रिंस नहीं मिला. शुक्रवार को एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम बुलायी गयी. टीम ने करीब आठ घंटे तक घटनास्थल से 15 किलोमीटर नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया. इसके बाद शव मिला.

राशन कार्ड भी नहीं, पेंशन भी नहीं मिल रही


सिसई प्रखंड के बीडीओ रमेश कुमार यादव और सीओ अशोक बड़ाइक घटनास्थल पहुंचे और मामले की जानकारी ली. प्रिंस की मां अपनी छोटी बच्ची के साथ पुसो में मजदूरी कर घर चलाती है. छह साल पहले विधवा होने के बाद अब तक पेंशन नहीं मिल रही है. राशन कार्ड भी नहीं है. बड़े ब���टे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है.

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