ePaper

मछली पालन में मॉडल जिला बना गुमला

Updated at : 18 May 2025 9:39 PM (IST)
विज्ञापन
मछली पालन में मॉडल जिला बना गुमला

मछली पालन में गुमला मॉडल जिला बन गया है. यहां की प्रकृति बनावट, नदी, तालाब, डैम में बड़े पैमाने पर मछली का पालन हो रहा है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, बसिया(गुमला)

मछली पालन में गुमला मॉडल जिला बन गया है. यहां की प्रकृति बनावट, नदी, तालाब, डैम में बड़े पैमाने पर मछली का पालन हो रहा है. जिसका असर है. गुमला में हो रही मछली पालन का विश्व स्तर पर प्रशंसा की जा रही है. प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत गुमला जिला स्थित बसिया प्रखंड के ममरला पंचायत अंतर्गत नारेकेला गांव में मछली का पालन हो रहा है. यहां किस प्रकार मछली पालन हो रहा है. उससे जानने व देखने के लिए मत्स्य पालन केंद्र का विश्व बैंक, एएफडी, एनसीडीसी और झारखंड राज्य मत्स्य विभाग के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को निरीक्षण किया. इसमें मछली पालक किसानों के साथ उत्पादक, बीज, बाजार व सरकार की योजनाओं के लाभ का विस्तृत जानकारी लिया गया. इस दौरान एएफडी के निधि बत्रा ने कहा कि मछली पालन को लेकर केंद्र सरकार की योजना का काफी अच्छा से काम हो रहा है. इसे बढ़ाने के लिये हम क्या-क्या कर सकते हैं. उसे हमने देखा. इस पर हमारी टीम आगे काम करेगी.

लोग मछली पालन से जुड़े : समन्वयक

राष्ट्रीय स्तरीय समन्वयक आइए सिद्दीकी ने कहा कि विश्व बैंक व एएफडी के सहयोग से केंद्र सरकार की योजना में जो कार्य हुआ है. इसका निरीक्षण किया गया है. इसमें जो लोग जुड़े हैं. वे काफी मेहनत कर रहे हैं. इससे और भी लोग जुड़े और सरकार की योजना का लाभ लें. झारखंड सरकार मत्स्य निदेशक एचएन द्विवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत कॉमिनिटी डेवलपमेंट, कोआपरेटिव डेवलपमेंट को लेकर जो कार्य किया जा रहा है. उसका निरीक्षण किया गया है. यहां काफी अच्छा कार्य हो रहा है.

मछली पालन से किसान हो रहे समृद्ध : डीएफओ

गुमला जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता ने कहा है कि मत्स्य पालन केंद्र नारेकेला में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के अंतर्गत तीन महिला को क्लस्टर एप्रोच करते हुए तालाब दिया गया है. जिसका आज निरीक्षण किया गया. जिसमें किसान काफी अच्छा काम कर रहे हैं. पहले अलग-अलग तालाब में काम करते थे. जिस कारण उन्हें काफी परेशानी होती थी. साथ ही बाजार नहीं मिल पाता था. अब क्लस्टर एप्रोच में काम कर रहा है तो काफी सुविधा हो रही हैं. मौके पर विश्व बैंक के जूलियन मिलियन, एएफडी ऑर्फी सिलार्ड, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के मासूम वाहिद, संयुक्त निदेशक मत्स्य विभाग झारखंड अमरेंद्र कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK

लेखक के बारे में

By DEEPAK

DEEPAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola