बिशुनपुर में सरकारी आवास योजना में गड़बड़झाला : बड़ा भाई लाभुक, पर छोटे भाई के खाते में ट्रांसफर हुई रकम, जानें पूरा मामला

Jharkhand news, Gumla news : गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित गांव रेहलदाग में इंदिर आवास योजना (अब पीएम आवास योजना) में गड़बड़झाला सामने आया है. इस योजना के लाभुक बड़े भाई के नाम पर इंदिरा आवास की स्वीकृति हुई, लेकिन आवास निर्माण की राशि उसके छोटे भाई के खाते में चला गया. जब मकान नहीं बना, तो बड़े भाई को प्रखंड कार्यालय की ओर से नोटिस जारी कर मकान बनाने की बात कही गयी. मकान नहीं बनाने पर सूद समेत राशि वापस करने की भी चेतावनी दी गयी थी. फिर भी मकान नहीं बनने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (Block Development Officer) छंदा भट्टाचार्य गुरुवार को गांव पहुंची, तब मामला उजागर हुआ.
Jharkhand news, Gumla news : गुमला : गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित गांव रेहलदाग में इंदिर आवास योजना (अब पीएम आवास योजना) में गड़बड़झाला सामने आया है. इस योजना के लाभुक बड़े भाई के नाम पर इंदिरा आवास की स्वीकृति हुई, लेकिन आवास निर्माण की राशि उसके छोटे भाई के खाते में चला गया. जब मकान नहीं बना, तो बड़े भाई को प्रखंड कार्यालय की ओर से नोटिस जारी कर मकान बनाने की बात कही गयी. मकान नहीं बनाने पर सूद समेत राशि वापस करने की भी चेतावनी दी गयी थी. फिर भी मकान नहीं बनने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (Block Development Officer) छंदा भट्टाचार्य गुरुवार को गांव पहुंची, तब मामला उजागर हुआ.
बिशुनपुर प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदा भट्टाचार्य एवं प्रधानमंत्री आवास के प्रखंड को-ऑर्डिनेटर संदीपा कुमारी गुरुवार की अहले सुबह रेहलदाग गांव पहुंची. यहां उन्होंने इंदिरा आवास के लाभुक कर्म दयाल खेरवार के घर पहुंची और उसे तत्काल घर बनाने की बात कही, तो लाभुक कर्म दयाल खेरवार ने पूरी स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया.
लाभुक ने कहा कि आज तक मेरे नाम से कोई भी सरकारी आवास आवंटित नहीं हुआ है और ना ही उसके एवज में कोई राशि मिली है. इसके बावजूद प्रखंड कार्यालय से बार-बार नोटिस भेजे जाने से काफी परेशान हो गये हैं. मौके पर बीडीओ के द्वारा कर्म दयाल खेरवार का बैंक पासबुक मंगाया गया, तो उसमें राशि नहीं मिली. तब जाकर बीडीओ ने कर्म दयाल के भाई धर्म दयाल खेरवार को बुलाया गया, तो पहले उसने भी आवास निर्माण की राशि मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया. लेकिन, जब उसका भी पासबुक मंगाया गया, तो उसमें 31 जनवरी 2004 को 18,750 रुपये भेजे जाने की पुष्टि हुई. इस राशि को धर्म दयाल खर्च कर चुका है.
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इस संबंध में धर्मदयाल खेरवार ने बताया कि मुखिया ने इंदिरा आवास आवंटित होने की बात बतायी थी. इसके एवज में मेरे खाते में यह राशि आयी. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि मेरे बड़े भाई कर्म दयाल खेरवार के नाम पर इंदिरा आवास स्वीकृत हुई थी. इस पर बीडीओ चंदा भट्टाचार्य ने धर्म दयाल खेरवार को इंदिरा आवास की राशि 18,750 रुपये अपने बड़े भाई कर्म दयाल खेरवार को देने की बात कही.
इस संबंध में बीडीओ चंदा भट्टाचार्य ने बताया कि वर्ष 2013-14 में धर्म दयाल खेरवार के नाम पर इंदिरा आवास की स्वीकृति हुई थी और रिकॉर्ड के अनुसार कर्म दयाल को आवास बनाने के लिए पहली किस्त मिल चुकी है और वह आवास नहीं बना रहा है. तब गांव आकर पूरी स्थिति से अवगत हुआ. उन्होंने बताया कि पूरे रिकॉर्ड की गंभीरतापूर्वक जांच करने के बाद ही मामला स्पष्ट हो पायेगा कि क्यों बड़े भाई की जगह छोटे भाई के खाते में यह राशि गयी. यह गंभीर मामला है और इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए सीनियर अधिकारियों को प्रेषित किया जायेगा.
Posted By : Samir Ranjan.
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