शव नहीं मिलने पर परिजनों ने पुतला बना कर किया अंतिम संस्कार

Updated at : 11 May 2025 10:13 PM (IST)
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शव नहीं मिलने पर परिजनों ने पुतला बना कर किया अंतिम संस्कार

तेलंगाना टनल हादसे में गुमला के मजदूर संतोष साहू की हो गयी थी मौत

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गुमला. तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में नहर का सुरंग धंसने से ढाई माह पहले गुमला के तिर्रा गांव निवासी मजदूर संतोष साहू (35) की मौत हो गयी थी. उसका शव अब तक नहीं मिला. शव नहीं मिलने के बाद पत्नी व परिजनों ने संतोष साहू को मृत मानते हुए उसका पुतला बना कर अंतिम संस्कार रविवार को किया. अंतिम संस्कार का कार्यक्रम हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ. अंतिम संस्कार में गांव के सभी लोग व रिश्तेदार शामिल हुए. संतोष के पुत्र ऋषभ साहू (छह) व बड़े भाई अशोक कुमार साहू ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि दी. इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. वहीं पूरे गांव में गम का माहौल था. ज्ञात हो कि 22 फरवरी को नागरकुरनूल जिले में नहर का सुरंग धंसने से गुमला जिले के चार मजदूरों की मौत हो गयी थी, जिसमें गुमला के तिर्रा गांव निवासी मजदूर संतोष साहू (35) भी था.

तेलंगाना सरकार ने दिया 25 लाख रुपये मुआवजा

मृतक की पत्नी ने संतोषी देवी ने कहा कि उसके घर में कमाने वाले सिर्फ एक संतोष साहू था. मजदूर संतोष कुमार का साला श्रवण साहू ने कहा कि तेलंगाना सरकार की ओर से अभी तक 25 लाख रुपये का चेक दिया गया है. वहीं जेपी कंपनी की ओर से अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है. सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया गया कि तीनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च दिया जायेगा. परंतु अभी तक इस पर कोई पहल नहीं हो पायी है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने मेरे जीजा का शव काफी खोजने का प्रयास किया गया था, पर उसका शव नहीं मिला. इस कारण उनकी आत्मा की शांति के लिए हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया है. सरकार से मांग करता हूं की मेरी बहन संतोषी देवी को रोजगार उपलब्ध कराया जाये. झारखंड सरकार के ई-श्रम कार्ड से मेरे जीजा संतोष साहू निबंधित थे. लेकिन झारखंड सरकार द्वारा अभी तक कोई सहायता या आश्वासन नहीं दिया गया है. श्रवण साहू ने बताया कि हमने मृत्यु प्रमाण, ई-श्रम कार्ड व लिखित आवेदन श्रम विभाग में दे दिया है.

गुमला के चारों मजदूरों का नहीं मिला शव

परिजनों ने बताया कि तेलंगाना टनल हादसा में गुमला जिले के चार मजदूर फंस गये थे, जिनका अभी तक शव नहीं मिल पाया. हालांकि एक नेशनल अखबार द्वारा मजदूरों का शव मिलने का दावा किया गया था, जिसका प्रशासन ने खंडन भी किया था. इस प्रकार के भ्रामक खबर प्रकाशित करने से बचने का सलाह दी गयी थी. बताते चलें कि उक्त सुरंग धंसने से तिर्रा निवासी मजदूर संतोष साहू (35), घाघरा प्रखंड के खंभिया कुंबाटोली निवासी अनुज साहू, पालकोट प्रखंड के उमड़ा नकटीटोली निवासी संदीप साहू व रायडीह कोबीटोली निवासी जगता खेस फंस गया था, जिनका अभी तक शव नहीं मिल पाया.

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