Fake Aadhaar Card : झारखंड के इस जिले में फर्जी आधार कार्ड का खेल, ग्राहक खोज कर लाते थे बिचौलिये
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 21 Dec 2025 9:15 AM
फर्जी आधार कार्ड (Photo: AI)
Fake Aadhaar card : फर्जी आधार कार्ड व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा झारखंड में हुआ है. आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों का फर्जी आधार कार्ड बनता था. बीडीओ ने सिस्टम समेत सैकड़ों आधार कार्ड व मृत्यु-जन्म प्रमाण पत्र जब्त किये.
Fake Aadhaar card : झारखंड के गुमला के सिसई प्रखंड में प्रज्ञा केंद्र की आड़ में फर्जी आधार कार्ड व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का मामला प्रकाश में आया है. करीब तीन साल से चल रहे इस गोरखधंधे का खुलासा उस समय हुआ, जब गुप्त सूचना पर बीडीओ रमेश कुमार यादव ने शनिवार को बसिया रोड स्थित इंडिया सर्विस प्रज्ञा केंद्र पर अचानक छापेमारी की. छापेमारी में प्रज्ञा केंद्र से बीडीओ ने दर्जनों जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आधार कार्ड बनाने का आवेदन जब्त किया है. पूछताछ में संचालक नफीस अकबर द्वारा कोई ठोस संतोषजनक जवाब नहीं देने पर बीडीओ ने प्रज्ञा केंद्र के सभी सिस्टम को जब्त कर थाना को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार जब्त किये गये अधिकतर आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र आंध्रप्रदेश समेत कई अन्य जगहों की बतायी जा रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई से सिसई में हड़कंप मच गया है.
दो से 10 हजार में बनता था फर्जी आधार कार्ड
लोगों ने बताया कि तीन साल से यहां आधार कार्ड व जन्म- मृत्य प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा चल रहा है. संचालक द्वारा सरकार के लाइसेंस से सेंटर चलाने व आधार कार्ड बनाये जाने की बात लोगों को बताया जाता था, जो आधार कार्ड रांची समेत कहीं सुधार नहीं होता है. वह यहां मोटी रकम लेकर दो से तीन दिन में सुधार करा कर दिया जाता था. आधार कार्ड सुधारने के लिए तीन हजार से 10 हजार तक की मोटी रकम ली जाती है. वहीं दो हजार से पांच हजार रुपये लेकर एक से दो दिन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना कर दिया जाता है. प्रज्ञा केंद्र में अधिकतर रात में ही आधार का कार्य किया जाता है.
ग्राहक खोज कर लाते थे बिचौलिये
ग्राहकों को इंडिया डिजिटल सर्विसेज प्रज्ञा केंद्र लाने के लिए बिचौलिये भी थे. बिचौलिये प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी आधार सेंटर के इर्द-गिर्द घूमते रहते थे. परेशान ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें बसिया रोड स्थित प्रज्ञा केंद्र लाने का काम करते थे. इसके बदले में उन्हें मोटी रकम कमीशन में मिलती थी.
मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी: बीडीओ
बीडीओ रमेश कुमार यादव ने कहा कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गयी है. छापेमारी में कई दस्तावेज व सिस्टम जब्त किये गये हैं. मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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