गुमला
. झारखंड ऑफिसर टीचर एंप्लॉय फेडरेशन गुमला की जिला कार्यकारिणी की बैठक रविवार को ज्योति संघ गुमला में हुई. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयंत कुमार पांडेय ने की. बैठक में सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख तीन मांगों एमएसीपी, सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष से 62 वर्ष करने व शिशु शिक्षण भत्ता को लेकर हस्ताक्षर अभियान में गति लाने निर्णय लिया गया. राज्य सरकार को कर्मचारियों की ज्वलंत व न्यायोचित मांगों से अवगत कराना महाहस्ताक्षर अभियान का उद्देश्य है. अभियान के तहत फेडरेशन ने प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर राज्य कर्मियों को शिशु शिक्षण भत्ता प्रदान करना, राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष करना व एमएसीपी का लाभ देना प्रमुख है. जिला सचिव हरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि झारखंड सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में राज्य कर्मचारियों की हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सत्तारूढ़ दल ने अपने घोषणा पत्र में भी शिक्षक संवर्ग को एमएसीपी देने की बात प्रमुखता से कही है. अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री अपनी घोषणाओं को अमलीजामा पहनायें. प्रांतीय मुख्य मीडिया प्रभारी सुमित कुमार नंद कहा कि संगठन द्वारा पांच चरणों में आंदोलन के लिए कार्यक्रमों की घोषणा की गयी है. इसमें प्रथम चरण में 20 मार्च तक समस्त राज्य कर्मियों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. प्रांतीय सोशल मीडिया प्रभारी शिल्पी कुजूर ने महिलाओं को संगठित करने पर चर्चा की. मौके पर महिला जिलाध्यक्ष निशा रानी टोप्पो, जिला प्रवक्ता मुकेश मनी पाठक, शुभम कुमार राय, बालकृष्ण, महिला सचिव मंजू देवी, सदानंद शेखर, अवधेश शेखर, संजीव, पंकज, पवन कुमार, मनोरमा देवी आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

