गुमला. तेलंगाना टनल हादसा हुए 14 दिन बीत गये, परंतु अब तक सुरंग में फंसे दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर व गुमला के चार मजदूरों का सुराग नहीं मिला है. जबकि सुरंग में फंसे इन आठ कर्मियों को खोजने के लिए केंद्र व तेलंगाना सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है. यहां तक कि कई विदेशी कंपनियों की भी मदद ली जा रही है. अब सुरंग में फंसे इन लोगों को खोजने के लिए बेल्जियन मालिनोइस के दो खोजी कुत्ते मर्फी व माया को लगाया गया है. गुमला प्रशासन के अनुसार ढह गयी श्रीशैलम लेफ्ट बैंक नहर (एसएलबीसी) सुरंग में बचाव अभियान सात मार्च को तेज हो गया. क्योंकि रोबोट विशेषज्ञ, आइआइटी मद्रास के एक प्रोफेसर और शव खोजी कुत्ते आठ फंसे हुए श्रमिकों की खोज में शामिल हो गये हैं.
सुरंग का किया जा रहा है वैज्ञानिक सर्वेक्षण
गुमला सूचना विभाग की एलीना दास ने बताया कि हैदराबाद के एएनवीआइ रोबोटिक्स की एक टीम ने आइआइटी मद्रास के प्रोफेसर के साथ सुरंग की संरचनात्मक अखंडता का आकलन करने और सुरक्षित रास्ते खोजने के लिए उन्नत उपकरण तैनात किये. इस बीच लापता श्रमिकों के संकेतों की खोज के लिए दो बेल्जियन मालिनोइस शव खोजी कुत्तों मर्फी व माया को तैनात किया गया है. यह अभियान जो अब अपने 14वें दिन में है. वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय में जारी है. इसमें बचाव प्रयासों को बढ़ाने के लिए रसद सहायता भी शामिल हैं. एनसीएस, एमओइएस ने जलप्रवाह व टनल ढहने के कारणों का आकलन करने और तेलंगाना सरकार के अनुरोध और समर्थन पर समाधान प्रदान करने के लिए नवीनतम भूकंपीय तकनीक का उपयोग करके एसएलबीसी सुरंग में वैज्ञानिक सर्वेक्षण में भाग लिया.
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